Ambikapur News : छत्तीसगढ़ की राजनीति में झीरम घाटी कांड और प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। रायपुर प्रेस क्लब में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ हुई बहस के बाद अंबिकापुर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पीएम आवास के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए सरकार से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। वहीं, झीरम घाटी मामले में अदालत के फैसले के बाद बघेल ने कहा कि दोषियों को सजा मिलने के बावजूद पीड़ित परिवारों को वह न्याय नहीं मिला, जिसकी उन्हें लंबे समय से प्रतीक्षा है।
उपमुख्यमंत्री के दावों पर सवाल उठाए
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच रायपुर प्रेस क्लब में पीएम आवास के मुद्दे पर लंबी बहस हुई। बहस के बाद आज अंबिकापुर पहुंचे बघेल ने मीडिया से बातचीत में उपमुख्यमंत्री के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के सामने आवासों की संख्या को लेकर सही तस्वीर पेश नहीं की जा रही है।
बघेल ने 14 दिसंबर 2023 को हुई कैबिनेट बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय 18 लाख आवासों से संबंधित निर्णय लिया गया था। उन्होंने कैबिनेट की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कैबिनेट में प्रस्ताव स्वीकृत, अस्वीकृत या लंबित किए जाते हैं।
46 लाख आवास के आंकड़े पर उठाया सवाल
भूपेश बघेल ने पत्रकारों को आवासों के आंकड़ों का गणित समझाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार के कार्यकाल में बने आवास, उनकी सरकार के कार्यकाल के आवास, दिसंबर 2023 में स्वीकृत बताए गए 18 लाख आवास और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा घोषित 10 लाख आवासों को जोड़ दिया जाए तो यह संख्या करीब 46 लाख तक पहुंचती है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण छत्तीसगढ़ में करीब 54 लाख हाउसहोल्ड हैं। ऐसे में यदि 46 लाख आवास स्वीकृत या निर्मित हो चुके हैं तो शेष परिवारों की संख्या काफी कम रहनी चाहिए। बघेल ने सरकार से सवाल किया कि वास्तव में प्रदेश में कितने मकान बने हैं और कितने निर्माणाधीन हैं।
झीरम घाटी मामले में फैसले के बाद उठाए सवाल
झीरम घाटी मामले में एनआईए की विशेष अदालत द्वारा दोषियों के खिलाफ फैसला सुनाए जाने के बाद भूपेश बघेल ने जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला आया है, लेकिन उनके अनुसार झीरम घाटी के पीड़ितों को अभी पूरा न्याय नहीं मिला है।
बघेल ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान कथित मुख्य साजिशकर्ताओं और बड़े नेताओं से पर्याप्त पूछताछ नहीं की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई चश्मदीदों के बयान नहीं लिए गए और एफआईआर से मुख्य आरोपियों के नाम हटाए गए।
‘मुख्य साजिशकर्ताओं तक नहीं पहुंची जांच’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि झीरम घाटी हमले में बड़ी संख्या में नक्सली शामिल थे, लेकिन मामले में जिन लोगों को दोषी ठहराया गया है, वे उनके मुताबिक निचले स्तर पर काम करने वाले लोग थे। बघेल ने दावा किया कि इन लोगों की भूमिका सामान पहुंचाने तक सीमित थी और वास्तविक साजिशकर्ताओं तक जांच नहीं पहुंची।
हालांकि, ये आरोप भूपेश बघेल द्वारा जांच को लेकर उठाए गए राजनीतिक सवाल हैं। अदालत के फैसले और जांच एजेंसियों के आधिकारिक रिकॉर्ड को इन आरोपों से अलग देखा जाना चाहिए।
अंबिकापुर में संगठन सृजन अभियान
भूपेश बघेल इन दिनों अंबिकापुर में आयोजित तीन दिवसीय कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने झीरम घाटी मामले के साथ-साथ पीएम आवास योजना को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा।
रायपुर की बहस से शुरू हुआ पीएम आवास विवाद अब अंबिकापुर तक पहुंच गया है, जबकि झीरम घाटी मामले में अदालत के फैसले के बाद बघेल की प्रतिक्रिया ने इस पुराने और संवेदनशील मामले को एक बार फिर प्रदेश की राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
Ambikapur News : झीरम घाटी फैसले पर भूपेश बघेल का बड़ा बयान, NIA जांच पर उठाए सवाल; बोले- पीड़ितों को नहीं मिला न्याय
झीरम घाटी मामले में अदालत के फैसले के बाद पूर्व CM भूपेश बघेल ने NIA जांच पर सवाल उठाए। अंबिकापुर में पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
Ambikapur News : छत्तीसगढ़ की राजनीति में झीरम घाटी कांड और प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। रायपुर प्रेस क्लब में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ हुई बहस के बाद अंबिकापुर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पीएम आवास के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए सरकार से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। वहीं, झीरम घाटी मामले में अदालत के फैसले के बाद बघेल ने कहा कि दोषियों को सजा मिलने के बावजूद पीड़ित परिवारों को वह न्याय नहीं मिला, जिसकी उन्हें लंबे समय से प्रतीक्षा है।
उपमुख्यमंत्री के दावों पर सवाल उठाए
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच रायपुर प्रेस क्लब में पीएम आवास के मुद्दे पर लंबी बहस हुई। बहस के बाद आज अंबिकापुर पहुंचे बघेल ने मीडिया से बातचीत में उपमुख्यमंत्री के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के सामने आवासों की संख्या को लेकर सही तस्वीर पेश नहीं की जा रही है।
बघेल ने 14 दिसंबर 2023 को हुई कैबिनेट बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय 18 लाख आवासों से संबंधित निर्णय लिया गया था। उन्होंने कैबिनेट की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कैबिनेट में प्रस्ताव स्वीकृत, अस्वीकृत या लंबित किए जाते हैं।
46 लाख आवास के आंकड़े पर उठाया सवाल
भूपेश बघेल ने पत्रकारों को आवासों के आंकड़ों का गणित समझाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार के कार्यकाल में बने आवास, उनकी सरकार के कार्यकाल के आवास, दिसंबर 2023 में स्वीकृत बताए गए 18 लाख आवास और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा घोषित 10 लाख आवासों को जोड़ दिया जाए तो यह संख्या करीब 46 लाख तक पहुंचती है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण छत्तीसगढ़ में करीब 54 लाख हाउसहोल्ड हैं। ऐसे में यदि 46 लाख आवास स्वीकृत या निर्मित हो चुके हैं तो शेष परिवारों की संख्या काफी कम रहनी चाहिए। बघेल ने सरकार से सवाल किया कि वास्तव में प्रदेश में कितने मकान बने हैं और कितने निर्माणाधीन हैं।
झीरम घाटी मामले में फैसले के बाद उठाए सवाल
झीरम घाटी मामले में एनआईए की विशेष अदालत द्वारा दोषियों के खिलाफ फैसला सुनाए जाने के बाद भूपेश बघेल ने जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला आया है, लेकिन उनके अनुसार झीरम घाटी के पीड़ितों को अभी पूरा न्याय नहीं मिला है।
बघेल ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान कथित मुख्य साजिशकर्ताओं और बड़े नेताओं से पर्याप्त पूछताछ नहीं की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई चश्मदीदों के बयान नहीं लिए गए और एफआईआर से मुख्य आरोपियों के नाम हटाए गए।
‘मुख्य साजिशकर्ताओं तक नहीं पहुंची जांच’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि झीरम घाटी हमले में बड़ी संख्या में नक्सली शामिल थे, लेकिन मामले में जिन लोगों को दोषी ठहराया गया है, वे उनके मुताबिक निचले स्तर पर काम करने वाले लोग थे। बघेल ने दावा किया कि इन लोगों की भूमिका सामान पहुंचाने तक सीमित थी और वास्तविक साजिशकर्ताओं तक जांच नहीं पहुंची।
हालांकि, ये आरोप भूपेश बघेल द्वारा जांच को लेकर उठाए गए राजनीतिक सवाल हैं। अदालत के फैसले और जांच एजेंसियों के आधिकारिक रिकॉर्ड को इन आरोपों से अलग देखा जाना चाहिए।
अंबिकापुर में संगठन सृजन अभियान
भूपेश बघेल इन दिनों अंबिकापुर में आयोजित तीन दिवसीय कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने झीरम घाटी मामले के साथ-साथ पीएम आवास योजना को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा।
रायपुर की बहस से शुरू हुआ पीएम आवास विवाद अब अंबिकापुर तक पहुंच गया है, जबकि झीरम घाटी मामले में अदालत के फैसले के बाद बघेल की प्रतिक्रिया ने इस पुराने और संवेदनशील मामले को एक बार फिर प्रदेश की राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
Admin
Writer & Blogger
All Postsताज़ा खबरे