US-Iran Tension : फारस की खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक और समुद्री टकराव की घटना सामने आई है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार को दावा किया कि ईरान के तट के पास समुद्री क्षेत्र में दो छोटी ईरानी नौकाओं पर गोलीबारी की गई और उन्हें नष्ट कर दिया गया। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, इन नौकाओं से एक अमेरिकी मानवरहित सतही पोत को कब्जे में लेने की कोशिश की जा रही थी।
अमेरिकी ड्रोन पोत को कब्जे में लेने का आरोप
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने घटना की जानकारी देते हुए कहा कि ईरानी नौकाओं ने अमेरिकी मानवरहित सतही पोत पर कब्जा करने का प्रयास किया था। उनके मुताबिक, अमेरिकी सेना ने इसका जवाब बलपूर्वक दिया और ईरानी नौकाओं की कोशिश को नाकाम कर दिया गया। अमेरिकी पक्ष ने इस कार्रवाई को अपने मानवरहित समुद्री पोत की सुरक्षा से जोड़कर बताया है।
ईरानी मीडिया ने अलग घटनाक्रम बताया
दूसरी ओर, ईरान की सरकारी मीडिया ने घटना को अलग तरीके से पेश किया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित हॉर्मोजगान प्रांत में मछुआरों की दो नावों पर हमला हुआ। प्रांतीय अधिकारी के हवाले से बताया गया कि इस घटना के बाद कई मछुआरे लापता हैं। ईरानी रिपोर्ट में अमेरिकी पक्ष द्वारा बताए गए मानवरहित पोत को कब्जे में लेने की कोशिश का उल्लेख नहीं किया गया।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच छह महीने से अधिक समय से संघर्ष जारी बताया जा रहा है। दोनों पक्ष रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां किसी भी बड़े व्यवधान का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है।
अमेरिकी नौसेना इस्तेमाल करती है सेलड्रोन
कैप्टन हॉकिन्स के मुताबिक, हालिया टकराव में जिस समुद्री ड्रोन को लेकर विवाद हुआ, वह ‘सेलड्रोन’ था। यह लगभग 25 फुट लंबा मानवरहित सतही पोत है, जिसे समुद्र में निगरानी और अन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ऐसे मानवरहित पोतों का उपयोग करती रही है।
ईरान ने दुश्मन ड्रोन से हमले का दावा किया
हॉर्मोजगान के उप-गवर्नर अहमद नफीसी ने ईरान की समाचार एजेंसी इरना को बताया कि सोमवार शाम फारस की खाड़ी में दो नावों पर एक ‘दुश्मन ड्रोन’ से हमला किया गया। उनके बयान में इन नावों पर सवार लोगों के बारे में जानकारी दी गई, जबकि अमेरिकी पक्ष द्वारा बताए गए घटनाक्रम से इसका विवरण अलग है। इससे घटना को लेकर दोनों देशों के दावों में अंतर सामने आता है।
तेल और पेट्रोल की कीमतों पर भी असर
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, संघर्ष के कारण तेल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए समुद्री सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की नजर बनी हुई है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच नई समुद्री घटना
फारस की खाड़ी में हुई यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते समुद्री तनाव की एक और कड़ी है। अमेरिकी सेना ने जहां इसे अपने मानवरहित पोत को कब्जे में लेने के प्रयास के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है, वहीं ईरानी अधिकारियों ने दो मछली पकड़ने वाली नावों पर दुश्मन ड्रोन के हमले की बात कही है। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच घटना को लेकर स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।
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