Bengal Maoist Arrest : पश्चिम बंगाल में कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF ने एक बड़े माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, उसे पूर्व मेदिनीपुर जिले के पटाशपुर क्षेत्र के ललाट इलाके से पकड़ा गया। असीम मंडल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य और पश्चिम बंगाल राज्य समिति-1 का सचिव बताया गया है।
15 वर्षों से सुरक्षा एजेंसियों से बच रहा था आकाश
रिपोर्टों के मुताबिक, असीम मंडल लंबे समय से अंतरराज्यीय जंगल क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचता रहा था। पुलिस ने तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर उसकी गतिविधियों का पता लगाया और इसके बाद कार्रवाई की। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, झारखंड और ओडिशा सरकारों ने उस पर कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने STF की सराहना की
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर STF के अधिकारियों और जवानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक अंतरराज्यीय वन क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों से बचते रहे असीम मंडल को तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर पकड़ना पुलिस की अभियान क्षमता को दर्शाता है। अधिकारी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार माओवादी नेटवर्क को दोबारा स्थापित या विस्तार करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी।
‘लाल आतंक’ को लेकर सरकार ने जताया सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि राज्य की सीमाओं के भीतर किसी भी उग्रवादी नेटवर्क को फिर से मजबूत होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां लोगों की सुरक्षा और राज्य के विकास को प्रभावित नहीं कर सकतीं। उनके अनुसार, कानून के तहत ऐसे प्रयासों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बयान असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद सामने आया है।
1980 के दशक से वाम उग्रवादी गतिविधियों से जुड़ाव
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, असीम मंडल पश्चिम मेदिनीपुर क्षेत्र से ताल्लुक रखता है और 1980 के दशक में छात्र जीवन के दौरान वाम उग्रवादी गतिविधियों से जुड़ा था। बाद में वह माओवादी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों तक पहुंचा। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि 2011 में माओवादी नेता किशनजी की मौत के बाद असीम मंडल ने पश्चिम बंगाल में संगठन की जिम्मेदारी संभाली थी।
स्वास्थ्य और आर्थिक जरूरत के बीच पहुंचा पटाशपुर
रिपोर्टों के मुताबिक, असीम मंडल हाल के समय में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहा था और उपचार के लिए पैसे जुटाने के उद्देश्य से पटाशपुर पहुंचा था। उसकी गिरफ्तारी के बारे में सामने आई जानकारी के अनुसार, पुलिस पहले से ही उसके संभावित संपर्कों और ठिकानों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान उसकी मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद STF ने कार्रवाई की।
सीमा क्षेत्र में पहले भी चला था तलाशी अभियान
असीम मंडल की तलाश में पश्चिम बंगाल-झारखंड सीमा से जुड़े जंगल क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने अभियान चलाया था। हालिया तलाशी अभियानों के दौरान झारखंड के रोल्लाहातु क्षेत्र से दो इंसास राइफल, 103 कारतूस और छह मैगजीन बरामद किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इन बरामद हथियारों का संबंध किन गतिविधियों से था, इसकी जांच की जा रही थी।
गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों की नजर आगे की कड़ियों पर
असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके संपर्कों, संगठनात्मक गतिविधियों और संभावित नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटा रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ के दौरान सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय माओवादी संपर्कों और संगठन से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा सकती है। इस गिरफ्तारी को पश्चिम बंगाल में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चल रहे सुरक्षा अभियानों के संदर्भ में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
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