BCCI AGM 2026: मुंबई में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की 95वीं वार्षिक आम बैठक यानी एजीएम में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, बैठक के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष अजीत आगरकर के कार्यकाल को लेकर होने वाले फैसले पर रहा। आगरकर का मौजूदा कार्यकाल अक्टूबर की शुरुआत में समाप्त होने वाला है। ऐसे में क्रिकेट जगत की नजर इस बात पर टिकी थी कि बोर्ड उन्हें आगे भी जिम्मेदारी देगा या नए मुख्य चयनकर्ता की नियुक्ति करेगा।
आगरकर के कार्यकाल पर फैसला पदाधिकारियों के हवाले
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई की सदस्य इकाइयों ने चयन समिति से जुड़े फैसले का अधिकार बोर्ड के पदाधिकारियों को सौंप दिया है। एजीएम में इस मुद्दे पर चर्चा हुई, लेकिन अजीत आगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने या उनके स्थान पर किसी नए व्यक्ति को नियुक्त करने को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। बैठक के बाद बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चयन समितियों से जुड़े मामलों में निर्णय लेने के लिए पदाधिकारियों को अधिकृत किया गया है।
अक्टूबर में खत्म हो रहा है अजीत आगरकर का कार्यकाल
अजीत आगरकर ने भारतीय सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष के तौर पर महत्वपूर्ण दौर में जिम्मेदारी संभाली है। अब उनका कार्यकाल अक्टूबर के शुरुआती दिनों में समाप्त होना है। इसलिए बीसीसीआई के आगामी फैसले को काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि, एजीएम के बाद भी यह स्पष्ट नहीं हुआ कि बोर्ड मौजूदा चयन समिति के अध्यक्ष को ही आगे मौका देगा या चयन प्रक्रिया में बदलाव करेगा।
एजीएम में कई दिग्गजों ने दर्ज कराई मौजूदगी
बीसीसीआई की 95वीं एजीएम में बोर्ड अध्यक्ष मिथुन मन्हास, उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव देवजीत सैकिया समेत विभिन्न राज्य क्रिकेट संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बंगाल क्रिकेट संघ की ओर से भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी बैठक में मौजूद रहे। इसके अलावा कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के प्रतिनिधि और भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने भी एजीएम में हिस्सा लिया। बैठक में चयन समितियों से जुड़े कई प्रशासनिक पहलुओं पर विचार किया गया।
जूनियर चयन समिति के पद भी भरे जाएंगे
बीसीसीआई सिर्फ सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष को लेकर ही फैसला नहीं कर रहा है। बोर्ड जूनियर चयन समिति के सभी पांच पदों को भरने की प्रक्रिया पर भी विचार कर रहा है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों को लेकर औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। इससे भारतीय क्रिकेट की जूनियर स्तर की चयन व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
मुंबई क्रिकेट संघ ने रखी प्रमुख मैचों की मांग
एजीएम के दौरान मुंबई क्रिकेट संघ (MCA) ने भी बीसीसीआई के सामने अपनी मांग रखी। रिपोर्ट के अनुसार, एमसीए ने बोर्ड से मैचों के आवंटन के दौरान मुंबई को कुछ और प्रमुख मुकाबले देने पर विचार करने का अनुरोध किया है। मुंबई देश के प्रमुख क्रिकेट केंद्रों में शामिल है और यहां अंतरराष्ट्रीय तथा घरेलू स्तर के बड़े मुकाबले आयोजित होते रहे हैं।
आगरकर नहीं तो पार्थिव पटेल का नाम चर्चा में
अगर बीसीसीआई अजीत आगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का फैसला करता है, तो पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल मुख्य चयनकर्ता पद के संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं। पांच सदस्यीय चयन समिति में शामिल होने की स्थिति में पार्थिव सबसे वरिष्ठ सदस्य बन सकते हैं। ऐसे में नियमों और वरिष्ठता के आधार पर उनके मुख्य चयनकर्ता बनने की संभावना को लेकर चर्चा तेज है।
पार्थिव के पास लंबा अंतरराष्ट्रीय अनुभव
पार्थिव पटेल भारतीय क्रिकेट के लिए लंबे समय तक खेल चुके हैं और उनके पास चयन समिति के अन्य सदस्यों की तुलना में अधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव है। उन्होंने भारत की ओर से 25 टेस्ट, 38 वनडे और दो अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबले खेले हैं। आगरकर की मौजूदा चयन समिति में आरपी सिंह, शिव सुंदर दास, अजय रात्रा और प्रज्ञान ओझा शामिल हैं। ये सभी भारतीय टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट खेल चुके हैं। ऐसे में बीसीसीआई का अंतिम फैसला भारतीय क्रिकेट की चयन प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।
अंतिम फैसले का इंतजार
फिलहाल अजीत आगरकर के भविष्य को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है। बीसीसीआई पदाधिकारियों को चयन समिति से जुड़े फैसले लेने का अधिकार मिलने के बाद अब सबकी नजर उनके अगले कदम पर है। अक्टूबर में आगरकर का कार्यकाल समाप्त होने से पहले बोर्ड यदि कोई निर्णय लेता है, तो उससे भारतीय टीम की आगामी चयन प्रक्रिया और समिति की संरचना प्रभावित हो सकती है। वहीं, पार्थिव पटेल का नाम संभावित विकल्प के तौर पर चर्चा में बना हुआ है।
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