CG Surguja Politics : छत्तीसगढ़ की राजनीति में सरगुजा संभाग को महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र माना जाता है। संभाग की 14 विधानसभा सीटों के चुनावी परिणाम प्रदेश की सत्ता के समीकरण पर असर डालते हैं। यही वजह है कि विधानसभा चुनाव से काफी पहले ही राजनीतिक दलों ने यहां अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। खासतौर पर कांग्रेस 2023 में हुए नुकसान के बाद संगठन को दोबारा मजबूत करने की कवायद में जुटी है।
2018 में कांग्रेस ने जीती थीं सभी 14 सीटें
सरगुजा में 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सभी 14 सीटों पर जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में भाजपा यहां एक भी विधानसभा सीट हासिल नहीं कर सकी थी। कांग्रेस के लिए यह प्रदर्शन प्रदेश की सत्ता में वापसी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा। हालांकि, पांच साल बाद 2023 के विधानसभा चुनाव में सरगुजा का चुनावी परिणाम पूरी तरह बदल गया।
2023 में भाजपा ने किया कांग्रेस का क्लीनस्वीप
2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सरगुजा की सभी 14 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका। यानी 2018 में कांग्रेस के पक्ष में रहा 14-0 का आंकड़ा पांच साल बाद भाजपा के पक्ष में 0-14 में बदल गया। इन नतीजों ने सरगुजा के राजनीतिक समीकरण में बड़ा बदलाव दर्ज किया और अब कांग्रेस इसी क्षेत्र में अपनी खोई राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है।
संगठन सृजन अभियान के जरिए कांग्रेस की तैयारी
कांग्रेस ने सरगुजा में संगठन को मजबूत करने के लिए संगठन सृजन अभियान के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं। जिला अध्यक्षों के बाद अब ब्लॉक अध्यक्षों को चुनावी और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। बस्तर से शुरू हुआ यह अभियान दुर्ग और बिलासपुर के बाद सरगुजा तक पहुंचा है। पार्टी का लक्ष्य स्थानीय स्तर पर संगठन को सक्रिय करना और बूथ तक कार्यकर्ताओं की भूमिका मजबूत करना है।
दीपक बैज ने रखा 14 सीटों का लक्ष्य
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरगुजा में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में सरगुजा की 14 सीटें कांग्रेस के खाते में आएंगी। उन्होंने इसे पार्टी के ‘मिशन सरगुजा’ से जोड़ते हुए 14-0 का लक्ष्य सामने रखा है। हालांकि, यह वर्तमान चुनावी परिणाम नहीं बल्कि आगामी चुनाव के लिए कांग्रेस का राजनीतिक दावा है।
बीजेपी ने कांग्रेस के दावे पर किया पलटवार
कांग्रेस के मिशन 14 के सामने भाजपा नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस के दावे पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि सपने देखने में कोई खर्च नहीं होता और जब कांग्रेस के पास पहले 14 सीटें थीं, तब वह उन्हें संभाल नहीं पाई। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का ‘जीरो-जीरो’ का सिलसिला जारी रहेगा।
14 सीटों के आंकड़े पर केंद्रित हुई सियासत
सरगुजा की राजनीति में फिलहाल 14 सीटों का आंकड़ा चर्चा के केंद्र में है। 2018 में कांग्रेस का 14-0, 2023 में भाजपा का 14-0 और अब कांग्रेस का दोबारा 14 सीटें जीतने का दावा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। संगठन सृजन अभियान के जरिए कांग्रेस स्थानीय स्तर पर अपनी तैयारियों को मजबूत करने में लगी है।
विधानसभा चुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक तैयारियां
छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन सरगुजा में राजनीतिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। कांग्रेस संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रही है, जबकि भाजपा 2023 के प्रदर्शन को बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है। अब आगामी समय में दोनों दलों की जमीनी सक्रियता और संगठनात्मक तैयारियां सरगुजा के राजनीतिक समीकरण को किस दिशा में ले जाती हैं, इस पर नजर रहेगी।
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