Surajpur School Hadsa : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में सरकारी स्कूल की जर्जर छत का प्लास्टर अचानक गिरने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। घटना उस समय हुई, जब स्कूल में बच्चों की कक्षाएं संचालित हो रही थीं। छत से प्लास्टर का एक हिस्सा सीधे नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में स्कूल में मौजूद एक शिक्षक आ गए। हादसे में शिक्षक के हाथ और पैर में चोट आने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद स्कूल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रतापपुर विकासखंड के नेवारडांड प्राथमिक शाला का मामला
पूरा मामला सूरजपुर जिले के विकासखंड प्रतापपुर क्षेत्र के हरिहरपुर स्थित नेवारडांड प्राथमिक शाला से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि स्कूल भवन में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। इसी दौरान छत के हिस्से का प्लास्टर टूटकर नीचे गिर गया। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन और आसपास के लोगों में चिंता बढ़ गई है। प्राथमिक स्कूल होने के कारण यहां बड़ी संख्या में छोटे बच्चे पढ़ाई करते हैं।
शिक्षक के ऊपर गिरा छत का प्लास्टर
जानकारी के मुताबिक, स्कूल में पढ़ाई के दौरान शिक्षक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इसी दौरान अचानक छत से प्लास्टर का हिस्सा टूटकर उनके ऊपर गिर गया। प्लास्टर की चपेट में आने से शिक्षक के हाथ और पैर में चोट लगी। घटना के बाद उनके हाथ से खून निकलने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। अचानक हुए इस हादसे से स्कूल में मौजूद बच्चों और कर्मचारियों के बीच घबराहट की स्थिति पैदा हो गई।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
घटना में किसी बच्चे के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन हादसे ने स्कूल भवन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि छत का प्लास्टर बच्चों के बीच गिरता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। प्राथमिक कक्षा में पढ़ने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल भवन की स्थिति की जांच जरूरी मानी जा रही है। स्थानीय स्तर पर अभिभावकों में भी इस घटना को लेकर चिंता देखी जा रही है।
घटना के बाद स्कूल भवन पर उठे सवाल
सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के साथ भवन की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होती है। नेवारडांड प्राथमिक शाला की घटना सामने आने के बाद स्कूल भवन की मरम्मत और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी भवन की छत या अन्य हिस्सा कमजोर है, तो समय रहते उसकी जांच और मरम्मत की जानी चाहिए। इससे भविष्य में संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हादसे का वीडियो
इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों का ध्यान स्कूल भवन की स्थिति की ओर गया है। वायरल वीडियो को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। हालांकि, भवन की वास्तविक स्थिति और मरम्मत से जुड़े रिकॉर्ड के बारे में संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
जर्जर स्कूल भवनों की जांच की मांग
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने स्कूल भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिन सरकारी स्कूलों की इमारतें पुरानी या जर्जर स्थिति में हैं, उनकी प्राथमिकता के आधार पर जांच होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर भवन की मरम्मत, छत की मजबूती और अन्य जरूरी निर्माण कार्य जल्द कराए जाने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
बड़ा हादसा टलने से मिली राहत
इस घटना में शिक्षक के घायल होने के बावजूद किसी बच्चे के चोटिल होने की सूचना नहीं है, जिससे एक बड़े हादसे की आशंका टल गई। हालांकि, स्कूल संचालन के दौरान छत का हिस्सा गिरना अपने आप में सुरक्षा व्यवस्था के लिए चेतावनी है। अब स्थानीय लोगों और अभिभावकों की नजर संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। स्कूल भवन की जांच और आवश्यक मरम्मत समय पर होने से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
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