Delhi SIR: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत उनके परिवार के पांच सदस्यों को निर्वाचन अधिकारियों ने नोटिस जारी किया है। ये नोटिस ‘Unmapped with Last SIR’ श्रेणी के तहत जारी किए गए हैं। इस घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
पत्नी, माता-पिता और बेटे को भी मिला नोटिस
निर्वाचन अधिकारियों की ओर से जारी नोटिस पाने वालों में अरविंद केजरीवाल के अलावा उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, पिता गोविंद राम केजरीवाल, मां गीता देवी और बेटे पुलकित केजरीवाल शामिल हैं। बताया गया है कि ये सभी नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के एक हिस्से में उन 110 मतदाताओं में शामिल हैं, जिन्हें पिछली SIR सूची से रिकॉर्ड मैप नहीं होने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं।
पिछली मतदाता सूची से नहीं हो सका रिकॉर्ड का मिलान
SIR के दौरान केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों की मतदाता प्रविष्टियों की जांच की गई। इस प्रक्रिया में निर्वाचन अधिकारियों को मौजूदा रिकॉर्ड को पिछली SIR की मतदाता सूची से जोड़ने में कठिनाई सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, मतदाताओं की ओर से जमा किए गए Enumeration Form में पिछली मतदाता सूची से लिंक करने के लिए आवश्यक जानकारी पूरी तरह उपलब्ध नहीं थी। इसी आधार पर संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं।
दस्तावेजों और जवाब के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाताओं को निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी यानी ERO के सामने आवश्यक दस्तावेज या अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा। अधिकारियों के मुताबिक, रिकॉर्ड की जांच और उपलब्ध जानकारी के सत्यापन के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस मामले का निपटारा 29 अक्टूबर 2026 तक किए जाने का कार्यक्रम बताया गया है। सत्यापन के बाद पात्र मतदाताओं के रिकॉर्ड को वैध ठहराकर अंतिम सूची के लिए चिह्नित किया जा सकता है।
चार नवंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित किए जाने का कार्यक्रम है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, नोटिस जारी होना किसी मतदाता का नाम तत्काल मतदाता सूची से हटाए जाने का प्रमाण नहीं है। दस्तावेजों और दावों की जांच के बाद ही संबंधित रिकॉर्ड पर निर्णय लिया जाएगा। पात्र मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर दिया जाता है।
‘Unmapped with Last SIR’ का क्या है मतलब?
‘Unmapped with Last SIR’ श्रेणी का इस्तेमाल उन मतदाताओं के लिए किया जाता है, जिनकी मौजूदा मतदाता प्रविष्टियां पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण सूची से मैप नहीं हो पातीं। ऐसी स्थिति में रिकॉर्ड का अतिरिक्त सत्यापन किया जाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति स्वतः मतदाता बनने के लिए अयोग्य घोषित हो गया है। मतदाताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अधिकार भी मिलता है।
ERO ने प्रक्रिया को बताया नियमों के तहत
निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि SIR की कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुसार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र मतदाता मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। रिकॉर्ड में किसी तरह की कमी या विसंगति मिलने पर संबंधित मतदाता से स्पष्टीकरण और दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
AAP ने निर्वाचन आयोग से मांगा स्पष्टीकरण
केजरीवाल परिवार को नोटिस जारी होने के बाद आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया के माध्यम से निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाए। पार्टी ने पूछा कि दिल्ली के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पिछली SIR सूची से मैप क्यों नहीं हो पाए। AAP ने आयोग से इस मामले में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है। पार्टी के सवालों के बीच अब निर्वाचन अधिकारियों की प्रक्रिया पर सबकी नजर बनी हुई है।
दिल्ली में लाखों मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर
दिल्ली में SIR के तहत 31 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, पिछली मतदाता सूची की तुलना में करीब 47.6 लाख नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं हुए। इसके बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जिन पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, वे 30 सितंबर तक Form 6 के जरिए नाम शामिल कराने का दावा पेश कर सकते हैं।
अंतिम सूची से पहले दावे-आपत्तियों का अवसर
निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होना अपने आप में अंतिम अयोग्यता नहीं माना जाता। पात्र मतदाता निर्धारित समयसीमा में दस्तावेजों के साथ अपना दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में केजरीवाल परिवार को जारी नोटिस भी इसी सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अब संबंधित दस्तावेजों की जांच और निर्वाचन अधिकारियों के निर्णय के बाद ही इन प्रविष्टियों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
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