Ketan Agarwal Murder Case : महाराष्ट्र के लोहगढ़ किले की खाई में गिरने के बाद कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट वडगांव मावल कोर्ट में पेश की गई। पुलिस के अनुसार, इसमें डिजिटल, तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ गवाहों के बयान भी शामिल हैं।
चार्जशीट में डिजिटल और तकनीकी सबूत शामिल
पुलिस ने जांच के दौरान करीब 80 से 85 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें तीन ऐसे गवाह भी बताए गए हैं, जिन्होंने कथित तौर पर सिया गोयल और चेतन चौधरी को घटना को अंजाम देते हुए देखा था। चार्जशीट में वॉट्सऐप चैट, तस्वीरें, मोबाइल फोन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR और टेक्निकल एनालिसिस सर्टिफिकेट जैसे साक्ष्य शामिल किए गए हैं।
पुलिस ने हादसे के बजाय साजिश का लगाया आरोप
लोनावला पुलिस के मुताबिक, केतन अग्रवाल की मौत महज दुर्घटना नहीं थी, बल्कि कथित तौर पर एक सोची-समझी साजिश का परिणाम थी। मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का दावा है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी।
राजा रघुवंशी हत्याकांड की सर्च हिस्ट्री सामने आई
चार्जशीट में पुलिस ने डिजिटल जांच से सामने आए कई तथ्यों का उल्लेख किया है। जांच के अनुसार, सिया की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री में इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी जानकारी खोजे जाने के रिकॉर्ड मिले। इसके अलावा अपराध और हत्या से संबंधित अन्य चर्चित मामलों की इंटरनेट सर्च किए जाने का भी पुलिस ने दावा किया है।
सिया और चेतन के बीच हजारों कॉल और चैट
जांचकर्ताओं के अनुसार, सिया और चेतन के बीच घटना से पहले बड़ी संख्या में फोन कॉल और चैट हुई थीं। पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड के विश्लेषण का हवाला देते हुए कहा कि दोनों के बीच हजारों बार बातचीत हुई। इनमें कुछ लंबी अवधि की कॉल भी शामिल थीं। पुलिस का आरोप है कि दोनों के बीच संबंध थे और इसी दौरान केतन को लेकर कथित साजिश तैयार की गई।
पहले भी लोहगढ़ ले जाने का पुलिस का दावा
पुलिस के मुताबिक, सिया इससे पहले भी केतन को लोहगढ़ ले गई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि 14 जून को उसे चट्टान से धक्का देने की कथित कोशिश की गई थी, लेकिन केतन एक झाड़ी पकड़कर बच गया। पुलिस के अनुसार, बाद की जांच में इस घटना को भी कथित साजिश से जोड़कर देखा गया। सिया और चेतन हिरासत में हैं और पुलिस ने पूछताछ में उनकी कथित संलिप्तता का दावा किया है।
शुरुआत में गंभीर चोट पहुंचाने की योजना का आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने शुरुआत में महाराष्ट्र के बाहर कुछ लोगों से संपर्क किया था। जांच में दावा किया गया कि प्रारंभिक योजना केतन को गंभीर रूप से घायल करने की थी। बाद में बाहरी लोगों की संलिप्तता से मामला सामने आने की आशंका के चलते कथित तौर पर योजना बदल दी गई। संपर्क किए गए लोगों में से एक व्यक्ति बाद में अभियोजन पक्ष का गवाह बना।
हत्या की योजना खुद लागू करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, बाहरी लोगों को शामिल करने की योजना छोड़ने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वारदात को खुद अंजाम देने का फैसला किया। जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पुलिस से बचने के तरीकों की जानकारी हासिल करने के लिए हत्या से संबंधित फिल्में और पॉडकास्ट देखे-सुने थे। इन दावों की पुष्टि का अंतिम निर्धारण अदालत की कार्यवाही में होगा।
CCTV फुटेज से सामने आया चेतन का नाम
18 जून को केतन सिया और दो दोस्तों के साथ लोहगढ़ किला गया था। शुरुआती तौर पर घटना को हादसा माना गया था। बताया गया था कि तस्वीरें लेते समय पैर फिसलने से केतन करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गया। बाद में टिकट काउंटर के पास लगे CCTV फुटेज में हुडी पहने एक व्यक्ति को केतन और सिया का पीछा करते देखा गया। पुलिस ने उसकी पहचान चेतन के रूप में की।
फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट से बुलाने का आरोप
पुलिस जांच में कथित तौर पर ‘माही’ नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, इस अकाउंट पर आरोपियों की परिचित महिला की तस्वीर इस्तेमाल की गई थी। इसी अकाउंट से केतन को 18 जून को लोहगढ़ आने का संदेश भेजे जाने का दावा है। संदेश में कथित तौर पर उसे सिया की दोस्त बताकर जन्मदिन का सरप्राइज देने के लिए सिया को लोहगढ़ लाने के लिए कहा गया था। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद यह फर्जी अकाउंट डिलीट कर दिया गया।
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