Ajaz Dhebar Threat Case : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पूर्व महापौर एजाज ढेबर को धमकी देने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ढेबर परिवार के एक कर्मचारी को फोन कर अनवर ढेबर और एजाज ढेबर के नाम का हवाला देते हुए 50 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। फोन करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर खुद को अमन साव गैंग से जुड़ा बताया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद एजाज ढेबर ने रायपुर के कोतवाली थाने पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
कर्मचारी को फोन कर मांगी गई फिरौती
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, धमकी भरा फोन सीधे ढेबर परिवार के एक कर्मचारी के मोबाइल पर आया था। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर परिवार के सदस्यों के नाम लेकर बड़ी रकम की मांग की। 50 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की बात सामने आने के बाद परिवार में चिंता का माहौल बन गया। हालांकि, धमकी देने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
अमन साव गैंग से संबंध का किया दावा
धमकी देने वाले व्यक्ति ने फोन पर खुद को अमन साव गैंग से संबंधित बताया। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है कि कॉल करने वाला वास्तव में किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा है या फिर उसने डर पैदा करने के लिए किसी गैंग का नाम इस्तेमाल किया। जांच एजेंसियां कॉल के तकनीकी विवरण और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
कोतवाली थाने में दर्ज कराई शिकायत
घटना के बाद एजाज ढेबर स्वयं कोतवाली थाना पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर से जुड़ी जानकारी जुटा रहे हैं। साथ ही कॉल की प्रकृति, बातचीत और फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
मोबाइल नंबर और लोकेशन की जांच जारी
पुलिस टीम धमकी भरे फोन में इस्तेमाल मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच कर रही है। कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि फोन किस स्थान से किया गया और कॉल के पीछे कौन व्यक्ति या समूह मौजूद है। पुलिस तकनीकी जांच के आधार पर संदिग्ध तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ
जांच के दौरान पुलिस ढेबर परिवार से जुड़े लोगों से भी घटना को लेकर जानकारी ले रही है। पुलिस यह समझने का प्रयास कर रही है कि धमकी देने वाले व्यक्ति को परिवार के बारे में कितनी जानकारी थी और उसने किन परिस्थितियों में फिरौती की मांग की। इसके साथ ही कॉल से पहले या बाद में हुई किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
व्यक्तिगत रंजिश के एंगल की भी जांच
पुलिस ने मामले की जांच में व्यक्तिगत दुश्मनी और किसी पुराने विवाद की संभावना को भी शामिल किया है। अधिकारियों के मुताबिक, सिर्फ गैंग के नाम का इस्तेमाल किए जाने से यह साबित नहीं होता कि धमकी देने वाला वास्तव में किसी गिरोह का सदस्य है। इसलिए पुलिस अलग-अलग संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
सुरक्षा को लेकर भी जानकारी जुटा रही पुलिस
धमकी की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ढेबर परिवार की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी जुटा रही है। फिलहाल जांच का मुख्य फोकस धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान और फोन की वास्तविक लोकेशन का पता लगाने पर है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों से तथ्य सामने आने के बाद मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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