Pakistan Airstrike Afghanistan : पूर्वी अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में एक बार फिर पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई से तनाव बढ़ गया है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, तड़के करीब 3 बजे नरांग जिले में एक ठिकाने को निशाना बनाकर हवाई हमला किया गया। कुनार के सूचना एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख नजीबुल्लाह हनीफ ने हमले की जानकारी दी है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, इस कार्रवाई में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।
रिहायशी मकान भी हमले की चपेट में आया
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हवाई हमले के दौरान एक रिहायशी मकान भी इसकी चपेट में आ गया। मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर मलबे में तब्दील हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने की कोशिश की गई। प्रशासन की ओर से नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
डूरंड लाइन पर पहले से बना हुआ है तनाव
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लंबे समय से बना हुआ है। दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मानी जाने वाली डूरंड लाइन को लेकर भी मतभेद हैं। सीमा से लगे इलाकों में समय-समय पर गोलीबारी, ड्रोन हमलों और अन्य सैन्य गतिविधियों की खबरें सामने आती रही हैं। इन घटनाओं का असर सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाली आबादी पर भी पड़ा है।
टीटीपी को लेकर पाकिस्तान और तालिबान में मतभेद
पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी को लेकर चिंता जताता रहा है। इस्लामाबाद का आरोप है कि टीटीपी से जुड़े लड़ाके अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान में हमलों की योजना बनाने के लिए करते हैं। पाकिस्तान विशेष रूप से कुनार, खोस्त और पक्तिका जैसे सीमावर्ती प्रांतों का उल्लेख करता रहा है। हालांकि, अफगान तालिबान प्रशासन इन आरोपों को खारिज करता आया है।
2022 में भी कुनार और खोस्त पर हुए थे हमले
पाकिस्तानी हवाई कार्रवाई का ऐसा मामला पहले भी सामने आ चुका है। अप्रैल 2022 में कुनार और खोस्त प्रांतों के सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तानी वायुसेना की एयरस्ट्राइक की खबरें आई थीं। उस समय भी स्थानीय अधिकारियों ने भारी गोलाबारी की पुष्टि की थी। रिपोर्टों के अनुसार, उन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में नागरिकों के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद अफगानिस्तान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई गई थी।
सीमा विवाद ने बढ़ाई दोनों देशों की मुश्किलें
डूरंड लाइन को लेकर विवाद और टीटीपी के मुद्दे ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संबंधों को लगातार प्रभावित किया है। हाल के वर्षों में सीमा पर सुरक्षा बलों के बीच झड़पों के साथ-साथ गोलाबारी और ड्रोन गतिविधियों की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने पर सीमावर्ती नागरिकों को विस्थापन, संपत्ति के नुकसान और सुरक्षा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
हमले की रिपोर्ट काबुल भेजी गई
ताजा एयरस्ट्राइक के बाद कुनार के स्थानीय प्रशासन ने घटना से जुड़ी रिपोर्ट काबुल स्थित केंद्रीय प्रशासन को भेज दी है। अधिकारियों की ओर से हमले में हुए नुकसान और प्रभावित लोगों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। आगे की कार्रवाई केंद्र सरकार के स्तर पर होने वाली प्रतिक्रिया और जांच के आधार पर तय की जाएगी।
तालिबान पहले भी जता चुका है विरोध
अफगान तालिबान प्रशासन पहले भी पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमलों को अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बताता रहा है। तालिबान नेतृत्व का कहना रहा है कि सीमा पार सैन्य कार्रवाई से दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ सकता है। ताजा घटना के बाद अब सबकी नजर काबुल की आधिकारिक प्रतिक्रिया और पाकिस्तान की ओर से दिए जाने वाले बयान पर बनी हुई है।
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