Food Inflation : देश में जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्याज, दाल, मसाले और खाद्य तेल जैसे रोजमर्रा के सामान महंगे होने का हवाला देते हुए कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने खाद्य महंगाई के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि महंगाई को नियंत्रित करने के वादों का क्या हुआ।
एक महीने में प्याज की कीमत में बड़ा उछाल
जयराम रमेश ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 17 सितंबर को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत 53.78 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई थी। उनके मुताबिक एक महीने पहले प्याज का औसत खुदरा भाव 37.20 रुपये प्रति किलो था। इस अंतर को लेकर कांग्रेस ने रसोई के बजट पर बढ़ते दबाव का मुद्दा उठाया है।
मसालों की कीमतों में बढ़ोतरी का दावा
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले एक महीने के दौरान कई प्रमुख मसालों की कीमतों में 10 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। उनके अनुसार छोटी इलायची का भाव 4,000 रुपये से बढ़कर 4,400 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। वहीं बड़ी इलायची की कीमत 2,400 रुपये से बढ़कर 2,800 रुपये और जीरा 360 रुपये से बढ़कर 400 रुपये प्रति किलोग्राम बताया गया है।
जावित्री के दाम भी बढ़ने का दावा
जयराम रमेश ने मसालों की कीमतों का जिक्र करते हुए जावित्री के भाव में भी बढ़ोतरी का दावा किया। उनके अनुसार जावित्री की कीमत 2,500 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 3,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि मसालों समेत कई जरूरी वस्तुओं के महंगे होने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
दालों के बढ़ते दाम को लेकर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस महासचिव ने दालों की कीमतों में बढ़ोतरी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि अरहर दाल का भाव 100 रुपये से बढ़कर 130 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। इसी तरह चना दाल 70 रुपये से बढ़कर 100 रुपये और उड़द दाल 120 रुपये से बढ़कर 140 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने का दावा किया गया।
खाद्य तेलों की कीमतों पर भी सवाल
रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेलों की कीमतों को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। जयराम रमेश के मुताबिक सरसों तेल का भाव 190 रुपये से बढ़कर 210 रुपये प्रति लीटर और सफोला तेल की कीमत 240 रुपये से बढ़कर 280 रुपये प्रति लीटर हो गई है। उन्होंने इन बढ़ोतरी को घरेलू खर्च से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा।
जून से सितंबर तक प्याज की कीमतों में 82 प्रतिशत वृद्धि का दावा
जयराम रमेश ने प्याज की कीमतों में जून से सितंबर के बीच हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार इस अवधि में अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 29.50 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 53.78 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। उनके दावे के मुताबिक यह करीब 82.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
‘क्या हुआ तेरा वादा’ कहकर प्रधानमंत्री पर निशाना
महंगाई के मुद्दे पर जयराम रमेश ने 1977 की हिंदी फिल्म ‘हम किसी से कम नहीं’ के चर्चित गीत की पंक्ति का इस्तेमाल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक हमला किया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘क्या हुआ तेरा वादा? वो कसम, वो इरादा?’ इसके जरिए उन्होंने सरकार की महंगाई संबंधी नीतियों और दावों पर सवाल उठाया।
गरीब परिवारों पर बढ़ते खर्च का कांग्रेस ने उठाया मुद्दा
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से गरीब और मध्यम आय वाले परिवारों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दाल, तेल और अन्य जरूरी सामान महंगे होने से आम लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, इन बयानों में दिए गए मूल्य बदलाव और राजनीतिक आरोपों को कांग्रेस के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।
महंगाई पर सरकार से जवाब मांग रही कांग्रेस
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी पर महंगाई के मुद्दे पर पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं देने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि आम जनता के लिए राहत कब मिलेगी। उन्होंने ‘अच्छे दिन’ के वादे का जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगा। खाद्य कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच प्याज, दाल, मसाले और खाद्य तेल की कीमतें आने वाले दिनों में भी घरेलू बजट और राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बनी रह सकती हैं।
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