Nandigram Bypoll 2026: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को शुक्रवार को एक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब मिलन प्रधान ने अपनी हिरासत को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनकी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई प्रस्तावित है।
हाई कोर्ट से चुनाव प्रचार के लिए राहत की मांग
मिलन प्रधान की ओर से कलकत्ता हाई कोर्ट में पेश हुए वकील ने अदालत के सामने उनकी हिरासत का मुद्दा उठाया। वकील ने कहा कि नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव से कुछ दिन पहले ही न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि चुनाव प्रचार की अंतिम तारीख 4 अक्टूबर निर्धारित है। ऐसे में उम्मीदवार के पास प्रचार करने का बेहद सीमित समय बचा है। वकील ने हाई कोर्ट से मामले में सुरक्षा और राहत देने का अनुरोध किया।
मंगलवार को सुनवाई करेगा कलकत्ता हाई कोर्ट
याचिका पर सुनवाई के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार के वकील ने चुनाव कार्यक्रम और प्रचार की समयसीमा का हवाला दिया। दलील सुनने के बाद अदालत ने मामले पर मंगलवार को सुनवाई करने की बात कही। कोर्ट की ओर से यह संकेत दिया गया कि याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। अब सभी की नजरें मंगलवार की सुनवाई पर हैं, जहां मिलन प्रधान की हिरासत और चुनाव प्रचार से जुड़ी उनकी मांग पर सुनवाई होगी।
पुराने हत्या मामले में जारी था गिरफ्तारी वारंट
पूर्वी मेदिनीपुर जिला पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, मिलन प्रधान के खिलाफ एक पुराने हत्या मामले में पहले से गिरफ्तारी वारंट जारी था। पुलिस का कहना है कि इसी वारंट के आधार पर कांग्रेस उम्मीदवार को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें शनिवार को संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने मामले में उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने कार्रवाई को पुराने मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया बताया है।
उपचुनाव से पहले गिरफ्तारी ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब नंदीग्राम में उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। कुछ दिन पहले तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार संचिता डे प्रधान ने नंदीग्राम सीट से अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था। इसके बाद चुनावी मुकाबले को लेकर राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई।
कांग्रेस ने गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताया
कांग्रेस ने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर राज्य सरकार और सत्तारूढ़ राजनीतिक दलों पर सवाल उठाए हैं। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश है। कांग्रेस का कहना है कि गिरफ्तारी का समय राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और इससे उम्मीदवार के चुनाव प्रचार पर सीधा असर पड़ सकता है।
शुभंकर सरकार ने बीजेपी पर लगाए आरोप
शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में विपक्ष की राजनीति को कमजोर करना चाहती है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के बीच कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी से विपक्ष को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, कांग्रेस के इन आरोपों को राजनीतिक दावा माना जाना चाहिए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने गिरफ्तारी का आधार पुराने हत्या मामले में जारी वारंट को बताया है।
6 अक्टूबर को होना है नंदीग्राम में मतदान
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है, जबकि चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर तक चलेगा। ऐसे में मिलन प्रधान की न्यायिक हिरासत और हाई कोर्ट में दाखिल याचिका चुनावी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण हो गई है। मंगलवार को अदालत में होने वाली सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि कांग्रेस उम्मीदवार को चुनाव प्रचार के लिए कोई राहत मिलती है या नहीं। फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और दोनों पक्षों की दलीलें अदालत के सामने रखी जानी हैं।
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