Nawada School Case: बिहार के नवादा जिले में सरकारी स्कूल की छात्राओं की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। छात्राओं ने आरोप लगाया है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक वॉशरूम में घुस आए और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रधानाध्यापक महेश प्रसाद यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।
छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप
छात्राओं के आरोपों के मुताबिक, प्रधानाध्यापक लड़कियों के वॉशरूम में पहुंचे और वहां मौजूद छात्राओं के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार किया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें उठाकर गोद में बैठाया गया और अनुचित तरीके से छुआ गया। आरोप सामने आने के बाद स्कूल परिसर में नाराजगी का माहौल बन गया। हालांकि, छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
18 सितंबर को स्कूल में हुआ विरोध
घटना के विरोध में छात्राओं ने अपने माता-पिता के साथ 18 सितंबर को स्कूल परिसर में प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने मामले की जांच और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। सूचना मिलने पर महिला पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम विद्यालय पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने छात्राओं से बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए तथा मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस ने दर्ज किए छात्राओं के बयान
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, नगर थाना क्षेत्र के एक सरकारी विद्यालय में शिक्षक द्वारा छात्राओं से कथित छेड़छाड़ की सूचना 18 सितंबर को मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने स्कूल पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने विद्यालय परिसर के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और दर्ज बयानों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
POCSO के तहत हुई गिरफ्तारी
जिला पुलिस के बयान के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद प्रधानाध्यापक महेश प्रसाद यादव को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम यानी POCSO की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच में सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।
छात्राओं का कराया गया मेडिकल
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता छात्राओं को सदर अस्पताल ले जाकर उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। इसके अलावा उनके बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें अदालत के समक्ष भी पेश किया गया। पुलिस जांच में छात्राओं के बयानों के साथ मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
सोशल मीडिया वीडियो से भी चर्चा तेज
इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी प्रसारित हुआ है, जिसमें कुछ कथित छात्राएं रोते हुए प्रधानाध्यापक पर छेड़छाड़ के आरोप लगाती दिखाई दे रही हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वीडियो और अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार प्रधानाध्यापक को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
नवादा पुलिस ने गठित की SIT
मामले की गंभीरता को देखते हुए नवादा के पुलिस अधीक्षक ने विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है। टीम घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों, छात्राओं के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब जमुई की एक किशोरी से जुड़े कथित उत्पीड़न के मामले को लेकर बिहार में पहले से राजनीतिक और सामाजिक बहस चल रही है।
कांग्रेस ने सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल
नवादा की घटना को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बिहार में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा, पुलिसिंग तथा जवाबदेही को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, पुलिस का कहना है कि नवादा मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी है। आरोपों की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
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