Bhilai Steel Plant Accident : भिलाई-दुर्ग स्थित भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक औद्योगिक हादसा हो गया। ब्लास्ट फर्नेस-6 में काम करने के दौरान 45 वर्षीय ठेका मजदूर विनोद कुमार की पुशर कार की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। साथी मजदूरों और कर्मचारियों में हादसे को लेकर चिंता और शोक की स्थिति देखने को मिली।
मृतक की हुई पहचान
मृतक मजदूर की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है। वह दुर्ग जिले के उतई क्षेत्र का रहने वाला था और भिलाई स्टील प्लांट में साईकॉन कंपनी के माध्यम से ठेका मजदूर के तौर पर काम कर रहा था। मंगलवार सुबह वह ब्लास्ट फर्नेस-6 के आसपास नियमित तकनीकी कार्य में जुटा हुआ था। इसी दौरान अचानक हुई घटना ने उसकी जान ले ली। हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिजनों को भी घटना की सूचना दी गई।
पुशर कार के पास कर रहे थे तकनीकी जांच
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह करीब 6 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि विनोद कुमार ब्लास्ट फर्नेस-6 में पुशर कार-2 के पास मौजूद थे। उस समय मशीन को बंद बताया जा रहा था। विनोद कथित तौर पर पुशर कार के नीचे कपलिंग बेल्ट और उससे जुड़ी तकनीकी खामी की जांच कर रहे थे। इसी दौरान अचानक पुशर कार के चालू होने की बात सामने आई।
अचानक मशीन चालू होने से हुआ हादसा
मशीन के अचानक शुरू होने के बाद विनोद कुमार उसकी चपेट में आ गए। घटना इतनी गंभीर थी कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। आसपास मौजूद कर्मचारियों को जब हादसे की जानकारी हुई तो वे तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। हालांकि, तब तक विनोद की मौत हो चुकी थी। औद्योगिक संयंत्र में भारी मशीनरी के बीच हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मौके पर पहुंचे अधिकारी और यूनियन प्रतिनिधि
हादसे की सूचना मिलते ही भिलाई स्टील प्लांट के वरिष्ठ अधिकारी और यूनियन प्रतिनिधि घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू किया। यूनियन प्रतिनिधियों ने भी हादसे की परिस्थितियों की जानकारी ली। घटना के बाद प्लांट में काम करने वाले अन्य ठेका कर्मचारियों के बीच भी चिंता का माहौल रहा।
मशीन अचानक कैसे हुई चालू, जांच जारी
फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह जानने के लिए जांच की जा रही है। जांच का प्रमुख बिंदु यह है कि जिस समय विनोद कुमार पुशर कार के पास तकनीकी जांच कर रहे थे, उस दौरान मशीन अचानक कैसे चालू हुई। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि मशीन की मरम्मत या तकनीकी जांच के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया और लॉकआउट-टैगआउट जैसे प्रोटोकॉल का पालन हुआ था या नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल
भारी औद्योगिक मशीनरी के साथ काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले मशीन की स्थिति क्या थी और उसे दोबारा शुरू होने से रोकने के लिए कौन-कौन से सुरक्षा उपाय अपनाए गए थे। हालांकि, हादसे की जिम्मेदारी को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
परिवार में पसरा मातम
विनोद कुमार की मौत की खबर सामने आने के बाद उनके परिवार में शोक का माहौल है। साथी मजदूरों ने भी घटना पर दुख जताया है। फिलहाल संयंत्र प्रबंधन की ओर से घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुशर कार अचानक किस वजह से शुरू हुई और हादसे के लिए कौन से तकनीकी या प्रक्रियागत कारण जिम्मेदार रहे।
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