Cyclone Arnab Alert : बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन ने अब मौसम विभाग की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना यह सिस्टम लगातार पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार सुबह करीब 11:45 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा की। विभाग के मुताबिक, सिस्टम के अगले चरण में डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है।
18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा
IMD के मुताबिक, यह डिप्रेशन पिछले छह घंटों के दौरान लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम की ओर आगे बढ़ा। 22 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे यह पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर 17.9 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 86.0 डिग्री पूर्वी देशांतर के आसपास केंद्रित था। मौसम विभाग सिस्टम की लगातार निगरानी कर रहा है।
अगले 12 घंटे में डीप डिप्रेशन की संभावना
मौसम विभाग ने बताया कि सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की काफी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 12 घंटों के दौरान इसके पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन में बदलने की बहुत अधिक संभावना है। इसके प्रभाव से तटीय इलाकों में मौसम की स्थिति में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है।
किन इलाकों के पास पहुंचा सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 200 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था। वहीं आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से करीब 200 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, पुरी से लगभग 210 किलोमीटर दक्षिण और विशाखापत्तनम से करीब 290 किलोमीटर पूर्व में इसकी स्थिति बताई गई थी। आगे बढ़ने के साथ इसके प्रभाव वाले क्षेत्र में बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं।
23-24 सितंबर को तट पार करने का अनुमान
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ता रहेगा। इसके 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करने की बहुत अधिक संभावना है। यह सिस्टम विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच डीप डिप्रेशन के रूप में तट पार कर सकता है।
अगले चक्रवात का नाम होगा अर्णब
मौसम विभाग के अनुसार, यदि यह सिस्टम आगे चलकर चक्रवाती तूफान का रूप लेता है तो क्षेत्रीय नामों की सूची के अनुसार इसका नाम ‘अर्णब’ होगा। उत्तरी हिंद महासागर में बनने वाले चक्रवातों के नाम पहले से तय क्षेत्रीय सूची के आधार पर रखे जाते हैं। इस सूची को विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संबंधित क्षेत्रीय मौसम एजेंसियां मिलकर निर्धारित करती हैं।
बांग्लादेश ने दिया है अर्णब नाम
‘अर्णब’ नाम बांग्लादेश द्वारा चक्रवातों की क्षेत्रीय नाम सूची में शामिल किया गया है। बंगाली भाषा में ‘अर्णब’ का अर्थ ‘सागर’ बताया जाता है। हालांकि, किसी सिस्टम को चक्रवाती तूफान का नाम तभी दिया जाता है जब वह निर्धारित मौसम संबंधी मानदंडों के अनुसार उस श्रेणी में पहुंचता है। फिलहाल मौसम विभाग की निगरानी सिस्टम की मौजूदा स्थिति पर केंद्रित है।
ओडिशा में स्कूल और आंगनवाड़ी बंद
संभावित भारी बारिश को देखते हुए ओडिशा के चार जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद करने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाए हैं। लगातार बारिश वाले इलाकों में स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त कदम उठाए जा सकें।
नदियों के जलस्तर बढ़ने की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पहले से लगातार वर्षा हो रही है। ऐसे में तटीय और निचले इलाकों के प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग आने वाले घंटों में सिस्टम की दिशा और तीव्रता के आधार पर आगे के अपडेट जारी करेगा।
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