Mirabai Chanu Silver: भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने आइची-नागोया एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला 49 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। यह एशियन गेम्स में चानू का पहला पदक है। लंबे समय से उनके शानदार करियर में इस उपलब्धि की कमी थी, जिसे उन्होंने आखिरकार पूरा कर लिया। चानू ने अपने प्रदर्शन से भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
पहली बार एशियन गेम्स में मिला पदक
मीराबाई चानू इससे पहले दो एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी थीं, लेकिन पदक जीतने में सफल नहीं हुई थीं। 2014 एशियन गेम्स में वह महिला 48 किलोग्राम वर्ग में नौवें स्थान पर रही थीं। इसके बाद हांग्झू 2023 एशियन गेम्स में उन्होंने चौथा स्थान हासिल किया था। इस बार 49 किलोग्राम वर्ग में उतरते हुए चानू ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया।
भारत का 28 साल का इंतजार खत्म
चानू के सिल्वर मेडल के साथ एशियन गेम्स वेटलिफ्टिंग में भारत का करीब 28 साल का पदक सूखा भी खत्म हो गया। इससे पहले भारतीय महिला वेटलिफ्टिंग में एशियन गेम्स पदक जीतने वाली एकमात्र खिलाड़ी कर्णम मल्लेश्वरी थीं। उन्होंने 1998 बैंकॉक एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल हासिल किया था। अब चानू ने भी इस सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
स्नैच में 87 किलो का भार उठाया
मुकाबले के दौरान मीराबाई चानू ने स्नैच में 87 किलोग्राम वजन उठाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 111 किलोग्राम भार उठाकर कुल 198 किलोग्राम का स्कोर दर्ज किया। उनका यह प्रदर्शन उन्हें दूसरे स्थान पर पहुंचाने के लिए पर्याप्त रहा। चानू ने दोनों राउंड में अपनी क्षमता और अनुभव का शानदार प्रदर्शन किया।
उत्तर कोरिया की री सॉन्ग गुम ने जीता गोल्ड
महिला 49 किलोग्राम वर्ग में उत्तर कोरिया की री सॉन्ग गुम ने गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 215 किलोग्राम भार उठाया। गुम ने स्नैच में 94 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 121 किलोग्राम वजन उठाया। उनके प्रदर्शन में वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज हुआ और उन्होंने प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया।
इंडोनेशिया की लुलुक को मिला ब्रॉन्ज
इस स्पर्धा में इंडोनेशिया की विजायाना लुलुक ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उन्होंने कुल 191 किलोग्राम भार उठाया। इस तरह पोडियम पर उत्तर कोरिया, भारत और इंडोनेशिया के खिलाड़ियों ने जगह बनाई। मीराबाई चानू का 198 किलोग्राम का कुल स्कोर उन्हें दूसरे स्थान पर रखने के लिए पर्याप्त साबित हुआ।
चानू के शानदार करियर में जुड़ी नई उपलब्धि
मीराबाई चानू का करियर पहले से ही कई बड़ी उपलब्धियों से भरा हुआ है। वह ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं और वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब भी अपने नाम कर चुकी हैं। इसके अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने लगातार तीन गोल्ड मेडल जीते हैं। अब एशियन गेम्स का सिल्वर उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया है।
भारत के लिए बढ़ा वेटलिफ्टिंग का गौरव
मीराबाई चानू का यह पदक केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर पदक जीतकर उन्होंने भारत की मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। उनके सिल्वर मेडल से भारतीय खेल प्रशंसकों में भी खुशी का माहौल है और देश की नजरें अब प्रतियोगिता में अन्य भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेंगी।
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