Meghalaya Politics : मेघालय की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के आठ विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने से विधानसभा का राजनीतिक समीकरण बदल गया है। UDP के कुल 12 विधायक हैं और इनमें से आठ के बीजेपी के साथ जाने की प्रक्रिया को लेकर पिछले दिनों से चर्चा चल रही थी। अब इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई स्थिति पैदा कर दी है।
बीजेपी की विधानसभा में ताकत बढ़कर 10 हुई
मेघालय विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं। आठ UDP विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद सदन में बीजेपी के विधायकों की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई है। इससे बीजेपी विधानसभा में NPP के बाद एक प्रमुख राजनीतिक समूह बन गई है। रिपोर्टों के अनुसार UDP के आठ विधायकों के दल बदलने की स्थिति पहले से ही चर्चा में थी और बीजेपी नेतृत्व के साथ उनकी बातचीत चल रही थी।
जेमिनो मावथोह पहले ही छोड़ चुके थे UDP
इस घटनाक्रम से पहले UDP के पूर्व महासचिव और वरिष्ठ नेता जेमिनो मावथोह भी बीजेपी में शामिल हो चुके थे। उन्होंने मई में UDP से इस्तीफा दिया था और बाद में बीजेपी का दामन थामा। मावथोह के बीजेपी में जाने के बाद UDP के अन्य विधायकों के भी पार्टी छोड़ने की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं। शिलांग लोकसभा क्षेत्र में मावथोह पहले UDP के उम्मीदवार भी रह चुके हैं।
‘मिशन-8’ के पीछे क्या था गणित?
UDP के 12 विधायकों में से आठ के एक साथ पार्टी छोड़ने को दलबदल विरोधी कानून के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दो-तिहाई संख्या पूरी होने की वजह से इस तरह के विलय को लेकर कानूनी प्रावधान अहम हो जाते हैं। यही कारण था कि आठ विधायकों का समूह सामूहिक रूप से बीजेपी में जाने की रणनीति पर आगे बढ़ता दिखाई दिया। रिपोर्टों में इसे विधायकों के बीच ‘मिशन’ के तौर पर भी बताया गया था।
विधायकों ने रखीं मेघालय से जुड़ी मांगें
बीजेपी में जाने से पहले UDP विधायकों की ओर से कुछ प्रमुख मुद्दों को लेकर आश्वासन मांगे जाने की बात सामने आई थी। इनमें खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने, कोयला खनन से जुड़े मुद्दों और Meghalaya Residents Safety and Security Act को लागू करने की मांग प्रमुख थी। UDP विधायक क्यारमेन शायला ने भी इन मांगों पर केंद्र से आश्वासन मिलने की बात कही थी।
NPP के नेतृत्व वाली सरकार में बदला समीकरण
मेघालय में मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व में नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) की सरकार है। विधानसभा में NPP के पास 33 विधायक हैं, जबकि UDP के पास 12 और बीजेपी के पास पहले दो विधायक थे। बीजेपी और UDP दोनों ही सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में आठ UDP विधायकों के बीजेपी के साथ जाने से गठबंधन के भीतर शक्ति संतुलन और राजनीतिक हिस्सेदारी का समीकरण भी बदल सकता है।
2028 विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
यह घटनाक्रम 2028 के मेघालय विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इसके चुनावी प्रभाव का आकलन अभी भविष्य की बात है, लेकिन बीजेपी की विधानसभा में संख्या बढ़ने से राज्य में उसकी संगठनात्मक और राजनीतिक मौजूदगी का दायरा बढ़ा है। वहीं, UDP के लिए आठ विधायकों का जाना पार्टी के मौजूदा संगठन और विधानसभा में उसकी भूमिका को सीधे प्रभावित करता है।
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