NCPI New Team : नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने अपने नए राष्ट्रीय संगठनात्मक ढांचे की घोषणा कर दी है। पार्टी की ओर से जारी नई सूची में तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर NCPI में शामिल हुए कई पूर्व सांसदों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। इस बदलाव के साथ पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
TMC के पूर्व सांसदों को संगठन में मिली महत्वपूर्ण जगह
नई राष्ट्रीय टीम में तृणमूल कांग्रेस के सात पूर्व सांसदों को अहम पद दिए गए हैं। इनमें पूर्व क्रिकेटर और सांसद रहे यूसुफ पठान तथा अभिनेता से नेता बने दीपक अधिकारी देव का नाम भी शामिल है। इनके अलावा तृणमूल कांग्रेस के अन्य पूर्व सांसदों को भी NCPI के नए संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पश्चिम बंगाल में संगठन मजबूत करने की कोशिश
NCPI में इन नेताओं की नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब पार्टी पश्चिम बंगाल में अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं और सांसदों के NCPI में शामिल होने के बाद पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर नई जिम्मेदारियों का बंटवारा किया है। इससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में NCPI की भूमिका को लेकर भी चर्चा बढ़ी है।
27 सदस्यीय राष्ट्रीय संगठन में पूर्व TMC सांसदों की मौजूदगी
NCPI की ओर से घोषित नए संगठनात्मक ढांचे में कुल 27 राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें सात ऐसे नेता हैं, जो पहले तृणमूल कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं। ये नेता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद TMC से अलग होकर NCPI में शामिल हुए थे। अब उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी दी गई है।
ज्योति प्रकाश चटर्जी बने राष्ट्रीय अध्यक्ष
समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, ज्योति प्रकाश चटर्जी को NCPI का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के छह पूर्व सांसदों को भी नए 27 सदस्यीय राष्ट्रीय संगठन में शीर्ष पदों पर शामिल किया गया है। पार्टी ने अलग-अलग जिम्मेदारियों के जरिए इन नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका दी है।
यूसुफ पठान और दीपक देव समेत इन नेताओं को पद
नई व्यवस्था के तहत यूसुफ पठान, दीपक अधिकारी देव, अबू ताहेर खान, बसुनिया और बनर्जी के साथ चंद्रिमा पांजा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इन नियुक्तियों के जरिए पूर्व TMC सांसदों को पार्टी के शीर्ष संगठन में स्थान मिला है। इससे NCPI में पश्चिम बंगाल से जुड़े नेताओं की मौजूदगी और बढ़ गई है।
सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष को नहीं मिली जगह
हालांकि, NCPI की नई राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में तृणमूल कांग्रेस के कुछ प्रमुख बागी नेताओं को जगह नहीं मिली है। इनमें वरिष्ठ TMC सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार का नाम प्रमुख है। दोनों नेताओं को नए संगठनात्मक ढांचे में कोई पद नहीं दिया गया है।
20 पूर्व TMC सांसदों के खिलाफ याचिकाएं लंबित
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के 20 पूर्व सांसदों को लेकर दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराने की मांग से जुड़ी याचिकाएं भी लंबित हैं। इन नेताओं के TMC छोड़ने और NCPI में शामिल होने के बाद राजनीतिक और कानूनी स्तर पर यह मामला चर्चा में रहा है।
चुनाव के बाद बदला TMC सांसदों का राजनीतिक समीकरण
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के 27 लोकसभा सदस्यों में से 20 के पार्टी छोड़ने और NCPI में शामिल होने की बात सामने आई थी। इनमें कुछ नेताओं ने भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन भी दिया था। इसके करीब चार महीने बाद NCPI ने अपने नए राष्ट्रीय संगठनात्मक ढांचे का ऐलान किया है।
NCPI के नए संगठन पर राजनीतिक नजर
NCPI की नई राष्ट्रीय टीम में पूर्व TMC सांसदों को मिली जिम्मेदारियों से पश्चिम बंगाल की राजनीति में पार्टी की गतिविधियां महत्वपूर्ण हो गई हैं। हालांकि, इन नियुक्तियों के बाद संगठन किस तरह आगे बढ़ता है और इन नेताओं को कौन-कौन सी जिम्मेदारियां मिलती हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। नई टीम के गठन को पार्टी के संगठन विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
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