Azamgarh Murder : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में महामृत्युंजय जाप के दौरान हुई गोलीबारी की घटना से सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार, घर में पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। चौथे दिन पहचान पत्र दिखाने की बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद अरविंद सिंह नाम के व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो पुजारियों पर गोली चला दी। घटना में तीनों की मौत हो गई।
परिवार ने अरविंद के लिए कराया था पांच दिवसीय अनुष्ठान
परिजनों के अनुसार, अरविंद के व्यवहार और मानसिक स्थिति को लेकर परिवार चिंतित था। इसी वजह से घर में पांच दिवसीय महामृत्युंजय जाप और अनुष्ठान कराया जा रहा था। अनुष्ठान में पुजारी महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा समेत अन्य लोग शामिल थे। अखिलेश मिश्रा के बेटे पंडित हिमांशु मिश्रा भी पूजा में मौजूद थे।
चौथे दिन पुजारियों से पहचान पत्र मांगने पर बढ़ा विवाद
प्रत्यक्षदर्शी हिमांशु मिश्रा के मुताबिक, मंगलवार शाम पूजा के चौथे दिन अरविंद अचानक वहां पहुंचा और पुजारियों से उनका पहचान पत्र दिखाने को कहने लगा। पुजारियों ने बताया कि उस समय उनके पास पहचान पत्र नहीं था और बाद में दिखाने की बात कही। इसी बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और अरविंद कथित तौर पर आक्रामक हो गया।
डंडे से हमला करने के बाद निकाली लाइसेंसी बंदूक
हिमांशु मिश्रा के अनुसार, पहचान पत्र को लेकर बहस के बाद अरविंद ने पहले डंडे से पुजारियों पर हमला किया। उसकी पत्नी बबीता सिंह ने जब उसे रोकने की कोशिश की तो दोनों के बीच भी विवाद हो गया। इसके बाद अरविंद अंदर गया और अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर वापस आया। इसके बाद स्थिति अचानक हिंसक हो गई।
पत्नी और दोनों पुजारियों को मारी गोली
पुलिस के मुताबिक, अरविंद ने सबसे पहले अपनी पत्नी बबीता सिंह को गोली मारी। इसके बाद उसने पुजारी महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा पर भी फायरिंग की। गोली लगने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान अनुष्ठान में मौजूद पंडित हिमांशु मिश्रा किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
अरविंद की मां ने भी सुनाई घटना की पूरी जानकारी
अरविंद की मां ने बताया कि मंगलवार शाम घर में महामृत्युंजय जाप चल रहा था। इसी दौरान अरविंद वहां आया और पुजारियों से पहचान पत्र मांगने लगा। मां के मुताबिक, पहचान पत्र को लेकर बातचीत के बाद अरविंद की पत्नी से बहस हुई और फिर उसने गोली चला दी। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई।
हत्या के बाद तीन बच्चों को बनाया बंधक
तीन लोगों की हत्या करने के बाद अरविंद ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। उसके साथ तीन बच्चे भी कमरे में थे। पुलिस के पहुंचने के बाद आरोपी ने बच्चों को बंधक बना लिया और कमरे के अंदर से लगातार पुलिसकर्मियों को धमकाने लगा। उसने पुलिस पर भी फायरिंग की, जिसके बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
करीब सात घंटे चला पुलिस का ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलने के बाद कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। SSP डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी की और आरोपी को बच्चों समेत कमरे से बाहर निकालने के लिए ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस ने काफी सावधानी से कार्रवाई करते हुए बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी की मौत
पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, आरोपी के बेटे को गोली लग गई थी और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद सिंह भी गोली लगने से मारा गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गोलीबारी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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