Gyanesh Kumar Controversy : विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर कथित मतभेदों की रिपोर्ट सामने आने के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने SIR अभियान को रोकने और निर्वाचन आयोग के फैसलों की समीक्षा करने की मांग भी उठाई है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का दिया हवाला
केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पिछले कुछ समय से मुख्य निर्वाचन आयुक्त अपने स्तर पर आयोग का संचालन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई महीनों से निर्वाचन आयोग की कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई और महत्वपूर्ण फैसले मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा स्वयं लिए जा रहे थे। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक रूप से किए गए दावे हैं।
करीब 13 करोड़ नाम हटाने का दावा
आम आदमी पार्टी नेता ने SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर भी सवाल उठाए। केजरीवाल ने दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और इन बदलावों को निर्वाचन आयोग की औपचारिक मंजूरी हासिल नहीं थी। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को निरस्त करने तथा पुरानी मतदाता सूची को बहाल करने की मांग की।
CEC पर कार्रवाई की मांग
केजरीवाल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि यदि लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने CEC के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किए जाने की बात भी कही। उनके बयानों के बाद SIR को लेकर राजनीतिक विवाद और अधिक तीखा हो गया।
मनीष सिसोदिया ने इस्तीफे की मांग की
इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने वीडियो संदेश जारी कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर पार्टी की आपत्तियों को सार्वजनिक किया।
संजय सिंह ने चुनावों पर उठाए सवाल
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी सोशल मीडिया के जरिए इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों में धांधली हुई है। संजय सिंह ने इन चुनावों के परिणामों को रद्द करने की मांग तक कर दी। उनके इस बयान ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया।
सौरभ भारद्वाज की विपक्ष से अपील
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने युवाओं और विपक्षी दलों से निर्वाचन आयोग के खिलाफ संवैधानिक तरीके से आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जाना चाहिए। पार्टी नेताओं ने SIR को लेकर अपनी आपत्तियों को व्यापक राजनीतिक मुद्दा बनाने के संकेत दिए हैं।
चुनाव आयोग ने दावों से अलग स्थिति बताई
AAP नेताओं के गंभीर आरोपों के बीच चुनाव आयोग के सूत्रों की ओर से अलग स्थिति बताई गई है। सूत्रों के मुताबिक, SIR समेत निर्वाचन आयोग के सभी फैसले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। इस दावे के सामने आने के बाद SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक आरोपों और आयोग के पक्ष के बीच अंतर स्पष्ट दिखाई देता है।
SIR पर आगे भी जारी रह सकता है विवाद
SIR से जुड़े फैसलों, मतदाता सूची में बदलाव और निर्वाचन आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ AAP नेता प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं, वहीं आयोग से जुड़े सूत्र फैसलों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कह रहे हैं। ऐसे में SIR विवाद के केंद्र में चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग की निर्णय प्रक्रिया जैसे मुद्दे बने हुए हैं।
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