FSSAI Action : ऑनलाइन ग्रॉसरी और खाद्य उत्पाद खरीदने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने कई प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई शुरू की है। नियामक के निशाने पर Amazon, Swiggy Instamart, BigBasket, Flipkart India और Zepto समेत कई प्लेटफॉर्म हैं। कार्रवाई खाद्य सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन से जुड़े मामलों को लेकर की जा रही है।
FSSAI ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
FSSAI ने बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की। नियामक के मुताबिक, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खाद्य उत्पादों से संबंधित कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। इनमें भ्रामक दावे, गलत जानकारी और प्रतिबंधित या विषाक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री अथवा ऑनलाइन प्रदर्शन जैसे मामले शामिल बताए गए हैं।
Amazon से Zepto तक कार्रवाई के दायरे में
खाद्य नियामक के अनुसार, कार्रवाई के दायरे में Amazon, Swiggy Instamart, BigBasket, Flipkart India और Zepto शामिल हैं। FSSAI ने बताया कि खाद्य सुरक्षा से संबंधित अनुपालन में कमियां पाए जाने के बाद इन प्लेटफॉर्म के खिलाफ दंडात्मक प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि, नियामक ने प्रत्येक कंपनी के मामले में अलग-अलग उल्लंघन और प्रस्तावित दंड का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है।
हर कंपनी पर किस मामले में कार्रवाई?
FSSAI की ओर से जारी जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस प्लेटफॉर्म पर कौन सा विशेष उत्पाद या दावा नियमों के विपरीत पाया गया। इसलिए फिलहाल यह कहना संभव नहीं है कि किसी एक कंपनी के खिलाफ कार्रवाई किस खास लिस्टिंग या खाद्य सामग्री को लेकर की गई है। आगे की नियामकीय प्रक्रिया में इससे जुड़ी अतिरिक्त जानकारी सामने आ सकती है।
भ्रामक दावों और लेबलिंग पर सख्ती
नियामक की कार्रवाई में खाद्य उत्पादों की गलत ब्रांडिंग, लेबलिंग और भ्रामक दावों से जुड़े मामले भी शामिल हैं। ऑनलाइन खरीदारी में ग्राहक अक्सर उत्पाद की पैकेजिंग, लेबल और वेबसाइट पर दी गई जानकारी के आधार पर फैसला लेते हैं। ऐसे में किसी खाद्य वस्तु के बारे में गलत या भ्रामक जानकारी उपभोक्ताओं को उसके गुण, गुणवत्ता या उपयोग को लेकर गलत धारणा दे सकती है।
प्रतिबंधित और विषाक्त खाद्य पदार्थों की जांच
FSSAI ने प्रतिबंधित और विषाक्त पदार्थों की बिक्री तथा उनके ऑनलाइन प्रदर्शन को भी कार्रवाई के दायरे में रखा है। खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत जिन उत्पादों की बिक्री या प्रदर्शन प्रतिबंधित है, उनकी उपलब्धता को नियामक गंभीरता से देख रहा है। ऑनलाइन ग्रॉसरी बाजार के तेजी से विस्तार के बीच ऐसे उत्पादों की निगरानी उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
छह महीनों में बढ़ी प्रवर्तन कार्रवाई
FSSAI के अनुसार, पिछले छह महीनों के दौरान खाद्य कारोबार संचालकों यानी FBOs और ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ प्रवर्तन गतिविधियों में तेजी आई है। नियामक इन कार्रवाइयों से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से भी साझा कर रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को खाद्य सुरक्षा नियमों और नियामकीय कदमों के बारे में जानकारी मिल सके।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर फोकस
FSSAI की इस कार्रवाई का उद्देश्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध खाद्य उत्पादों में निर्धारित खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। साथ ही उपभोक्ताओं को भ्रामक दावों, गलत लेबलिंग और प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों से बचाने पर जोर दिया जा रहा है। संबंधित कंपनियों के खिलाफ शुरू हुई प्रक्रिया आगे की जांच और नियामकीय कार्रवाई के तहत जारी रहेगी।
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