Netanyahu UN Speech: गाजा नरसंहार के आरोपों पर भड़के नेतन्याहू, बोले- सदी का सबसे बड़ा झूठ; हॉल से वॉकआउट

UN में नेतन्याहू के भाषण पर मचा बड़ा सियासी घमासान, गाजा में नरसंहार के आरोपों को बताया ‘सदी का सबसे बड़ा झूठ’, संबोधन के दौरान बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों के बाहर निकलने का दावा, आखिर इजरायली प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से क्या कहा और उनके भाषण पर ऐसा विरोध क्यों देखने को मिला?

Netanyahu UN Speech :  संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का संबोधन काफी विवादों के बीच हुआ। नेतन्याहू के मंच पर पहुंचते ही बड़ी संख्या में राजनयिकों और प्रतिनिधियों ने विरोध जताते हुए हॉल से बाहर निकलना शुरू कर दिया। फिलिस्तीनी मिशन ने पहले ही सदस्य देशों से सामूहिक वॉकआउट की अपील की थी। इसके बाद महासभा कक्ष में कई सीटें खाली दिखाई दीं।

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गाजा में नरसंहार के आरोपों को नेतन्याहू ने खारिज किया

अपने संबोधन में नेतन्याहू ने गाजा में इजराइली सैन्य अभियान को लेकर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने इन आरोपों को “सदी का सबसे बड़ा झूठ” बताया और इजराइल के सैन्य अभियानों का बचाव किया। वहीं, संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों की ओर से गाजा की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जाती रही हैं। इजराइल नरसंहार के आरोपों को अस्वीकार करता है।

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वॉकआउट करने वाले प्रतिनिधियों पर तीखी टिप्पणी

प्रतिनिधियों के हॉल से बाहर जाने के बाद नेतन्याहू ने उन्हें “नैतिक कायर” कहा। उन्होंने कहा कि यदि कोई अन्य प्रतिनिधि भी विरोध में बाहर जाना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है। नेतन्याहू ने दावा किया कि इजराइल अपनी सुरक्षा के साथ उन देशों की भी सुरक्षा कर रहा है, जिनके प्रतिनिधियों ने उनके भाषण का बहिष्कार किया। उन्होंने ईरान के खिलाफ इजराइली कार्रवाई का भी बचाव किया।

7 अक्टूबर के हमले का किया उल्लेख

नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले का उल्लेख करते हुए उसकी तुलना अमेरिका में होने वाली बड़ी जनहानि से की। उन्होंने अमेरिकी आबादी के अनुपात के आधार पर दावा किया कि यह घटना 24 घंटे से भी कम समय में 40,000 अमेरिकियों की हत्या के बराबर थी। उन्होंने इसे 9/11 में मारे गए लोगों की संख्या से 16 गुना अधिक बताया।

न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी पर निशाना

इजराइली प्रधानमंत्री ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर भी तीखी टिप्पणी की। ममदानी ने पहले नेतन्याहू को “युद्ध अपराधी” बताया था और उनके खिलाफ गिरफ्तारी की मांग का समर्थन किया था। जवाब में नेतन्याहू ने ममदानी की आलोचना करते हुए उन पर इजराइल के खिलाफ दुष्प्रचार करने और यहूदी समुदाय की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले माहौल को बढ़ावा देने के आरोप लगाए।

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UN मंच पर पेजर दिखाकर 2024 अभियान का जिक्र

भाषण के दौरान नेतन्याहू ने एक पेजर भी दिखाया। उन्होंने सितंबर 2024 में लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े पेजरों में हुए विस्फोटों का संदर्भ दिया। उस अभियान में हजारों लोग घायल हुए थे और कई लोगों की मौत हुई थी। नेतन्याहू ने इसे इजराइल की सुरक्षा कार्रवाइयों के संदर्भ में पेश किया।

वेस्ट बैंक हिंसा पर इजराइली प्रधानमंत्री का दावा

वेस्ट बैंक में इजराइली बसने वालों द्वारा फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा की रिपोर्टों पर भी नेतन्याहू ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ऐसी घटनाओं को सीमित बताते हुए कहा कि कुछ कम उम्र के उपद्रवी पत्थरबाजी या पेड़ काटने जैसी गतिविधियों में शामिल हैं और अंतरराष्ट्रीय मीडिया इन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है। इस मुद्दे पर मानवाधिकार संगठनों और अन्य पक्षों की रिपोर्टें अलग तस्वीर पेश करती रही हैं।

फिलिस्तीनी राज्य को लेकर नेतन्याहू का रुख

नेतन्याहू ने अपने भाषण में स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य के गठन को लेकर अपना विरोध दोहराया। उन्होंने कहा कि जब तक वह इजराइल का नेतृत्व कर रहे हैं, तब तक फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना नहीं होगी। यह रुख दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन में दिए जा रहे अंतरराष्ट्रीय बयानों से अलग है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भी दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन को दोहराया है।

महमूद अब्बास ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई मांगी

नेतन्याहू से पहले फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने रिकॉर्डेड वीडियो संदेश के जरिए महासभा को संबोधित किया। अमेरिकी वीजा नहीं मिलने के कारण उन्होंने रामल्ला से संदेश दिया। अब्बास ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजराइल के खिलाफ कार्रवाई की अपील करते हुए सवाल उठाया कि देश कब तक चुप रहेंगे और इजराइल को हथियारों की आपूर्ति कब तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनी लोग अपना घर छोड़ने या विस्थापन स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।

UNGA में गहराया इजराइल-फिलिस्तीन विवाद

नेतन्याहू और अब्बास के बयानों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजराइल-फिलिस्तीन विवाद को लेकर मौजूद गहरे मतभेदों को एक बार फिर सामने ला दिया। एक ओर इजराइल अपनी सैन्य कार्रवाई को सुरक्षा और आत्मरक्षा के रूप में पेश कर रहा है, वहीं फिलिस्तीनी नेतृत्व और कई देश गाजा की मानवीय स्थिति तथा सैन्य अभियान पर अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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Chandan Das

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