Odisha Weather : ओडिशा में बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव यानी डीप डिप्रेशन के प्रभाव से कई इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। खोरधा जिले के बाणपुर इलाके में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक बताए जा रहे हैं, जहां भारी बारिश के बाद सड़कें और रिहाइशी क्षेत्र पानी में डूब गए हैं।
बाणपुर में मुख्य सड़कें जलमग्न, आवागमन प्रभावित
बाणपुर क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण बाढ़ का पानी मुख्य सड़कों और निचली बस्तियों तक पहुंच गया है। बाणपुर-बालूगांव मुख्य मार्ग पर पानी भरने से सड़क संपर्क बाधित हो गया है। कई स्थानों पर लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
धान के खेतों में भरा पानी, किसानों की बढ़ी चिंता
भारी बारिश का असर केवल रिहाइशी इलाकों तक सीमित नहीं है। राज्य के कई जिलों में धान के खेत भी पानी में डूब गए हैं। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। इससे स्थानीय किसानों की चिंता बढ़ गई है और कृषि क्षेत्र पर भी मौसम की मार पड़ती दिखाई दे रही है।
डीप डिप्रेशन कमजोर होकर डिप्रेशन में बदला
मौसम प्रणाली ने आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम तट को पार करने के बाद अपनी तीव्रता कम की है। अब यह डीप डिप्रेशन कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है और नुआपाड़ा के आसपास केंद्रित बताया जा रहा है। इसके कमजोर होने के बावजूद ओडिशा के दक्षिणी और आंतरिक जिलों में बारिश का असर अभी भी बना हुआ है।
भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बरकरार
लगातार बारिश के चलते पहाड़ी और निचले इलाकों में भूस्खलन तथा बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों से 10 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राहत शिविरों में लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े दल हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
ओडिशा की कई प्रमुख नदियों में बारिश के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ा है। बंशधारा, बैतरणी, जालका और बूढ़ाबलंग जैसी नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान को पार कर गई हैं। नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए इससे खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई है।
नवरंगपुर और कोरापुट में स्कूल बंद
बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सबसे अधिक प्रभावित जिलों में प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। नवरंगपुर, मलकानगिरि और कोरापुट में सभी स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य बच्चों और कर्मचारियों को जलभराव, बाढ़ तथा खराब मौसम से उत्पन्न संभावित जोखिम से सुरक्षित रखना है।
तेतुलिखुंटी में 395 मिमी बारिश दर्ज
बारिश की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नवरंगपुर जिले के तेतुलिखुंटी में पिछले 24 घंटों में 395 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसी अवधि में नंदाहांडी में 344 मिलीमीटर और कोरापुट जिले के बोरीगुमा में 307.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इन आंकड़ों ने कई इलाकों में पैदा हुए जलभराव की गंभीरता को सामने रखा है।
ब्रह्मपुर में जलभराव, अगले घंटों में भी बारिश का अनुमान
ब्रह्मपुर शहर के कई हिस्सों में भी भारी बारिश के कारण गंभीर जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 12 से 24 घंटों के दौरान ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन और आपदा मोचन बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव गतिविधियों को लेकर प्रशासन सतर्क है।
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