Mahua Moitra CEC : चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया यानी SIR को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर ज्ञानेश कुमार के पद पर बने रहने को लेकर सवाल उठाए। यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR से जुड़े मुद्दों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का दिया उदाहरण
महुआ मोइत्रा ने अपनी पोस्ट में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संदर्भ देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दोनों को प्रधान को पद से हटाने की जरूरत समझने में कई सप्ताह लगे। इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि ज्ञानेश कुमार के मामले में भी ऐसी समझ बनने में कितना समय लगेगा। यह पूरी टिप्पणी महुआ मोइत्रा की व्यक्तिगत राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी पूछा सवाल
टीएमसी सांसद ने यह भी सवाल उठाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सार्वजनिक रूप से सामने क्यों नहीं आ रहे हैं। उन्होंने पूछा कि वह द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट को लेकर माफी और हलफनामे की मांग के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं कर रहे। महुआ मोइत्रा ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि एक करदाता के रूप में जनता मुख्य चुनाव आयुक्त के वेतन और सुविधाओं का खर्च वहन करती है।
क्या है चुनाव आयोग के भीतर मतभेद का मामला?
दरअसल, विवाद की पृष्ठभूमि में द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के अनुसार इनमें SIR से जुड़े निर्णय भी शामिल थे। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए।
विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार पर उठाए सवाल
रिपोर्ट के बाद कई विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। वहीं, अन्य विपक्षी दलों और संगठनों ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए CEC को हटाने की मांग की है। कांग्रेस ने 25 सितंबर को विभिन्न राज्यों में विरोध प्रदर्शन भी किए।
चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा?
इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने अपनी निर्णय प्रक्रिया का बचाव किया है। आयोग का कहना है कि उसके फैसले निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं और आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग टिप्पणियां या राय होना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है। भाजपा ने भी आयोग की प्रक्रिया को कानूनी रूप से सही बताते हुए विपक्ष के आरोपों का विरोध किया है।
कौन हैं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार?
चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। मौजूदा आयोग में उनके साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी हैं। चुनाव आयोग की आधिकारिक सूची में तीनों अधिकारियों को वर्तमान आयोग का हिस्सा बताया गया है।
SIR को लेकर राजनीतिक बहस आगे बढ़ी
SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर संस्थागत प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता पर बहस का विषय बन गया है। विपक्ष जहां आंतरिक मतभेदों की रिपोर्ट को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं चुनाव आयोग अपनी निर्णय प्रक्रिया को स्थापित नियमों के तहत बता रहा है। ऐसे में महुआ मोइत्रा की ताजा टिप्पणी ने इस विवाद को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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