Duronto Express Stone Pelting : नागपुर से मुंबई जा रही दुरंतो एक्सप्रेस में पथराव की घटना सामने आने के बाद यात्रियों में हड़कंप मच गया। शुक्रवार रात ट्रेन के एसी कोच की खिड़कियों पर बाहर से पत्थर फेंके गए। पत्थर लगने से खिड़की के शीशे टूट गए और एक पत्थर कोच के भीतर जा पहुंचा। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ट्रेन नंबर 12290 को बनाया गया निशाना
जानकारी के मुताबिक, घटना 25 सितंबर की रात ट्रेन संख्या 12290 दुरंतो एक्सप्रेस में हुई। रेलवे के अनुसार, रात करीब 8:27 बजे बोर्खेड़ी स्टेशन के बाद बोर्खेड़ी-सिंधी सेक्शन में ट्रेन पर पथराव किया गया। इस दौरान एसी कोचों की खिड़कियों के शीशे क्षतिग्रस्त हुए। हालांकि, रेलवे की ओर से बाद में बताया गया कि घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई।
A-1, B-2 और B-5 कोच के शीशे टूटे
मध्य रेल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पथराव की घटना में ट्रेन के A-1, B-2 और B-5 कोच की खिड़कियों के शीशे टूट गए। शुरुआती जानकारी में एक यात्री को मामूली चोट लगने की बात सामने आई थी, लेकिन रेलवे ने अपनी जानकारी में किसी यात्री के घायल होने से इनकार किया है। इस वजह से घटना से जुड़ी चोट की जानकारी को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं।
अचानक पत्थर लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी
घटना के समय ट्रेन अपने गंतव्य मुंबई की ओर जा रही थी। यात्रियों के मुताबिक, अचानक खिड़की से तेज आवाज आई और शीशा टूट गया। कुछ यात्रियों ने बताया कि उस समय वे ट्रेन में खाना खा रहे थे। अचानक हुए पथराव से कुछ देर के लिए कोच में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। खिड़की का शीशा टूटने के बाद यात्रियों में सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ गई।
कैमरे में कैद हुई पथराव की घटना
बताया गया है कि घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में बाहर से आया पत्थर खिड़की के शीशे से टकराते हुए दिखाई देता है। टक्कर के बाद कांच टूट जाता है और पत्थर कोच के भीतर पहुंच जाता है। रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां घटना से जुड़े वीडियो तथा उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही हैं, ताकि पथराव की सही जगह और आरोपी की पहचान की जा सके।
RPF और GRP ने चलाया तलाशी अभियान
घटना की सूचना मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा बल यानी RPF और राजकीय रेलवे पुलिस यानी GRP की टीम सक्रिय हो गई। दोनों एजेंसियों ने बोर्खेड़ी-सिंधी सेक्शन में करीब सात किलोमीटर के इलाके में तलाशी अभियान चलाया। बोर्खेड़ी और ब्राह्मणी गांव के आसपास भी जांच की गई। स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध व्यक्ति या ठोस सबूत नहीं मिला।
एस्कॉर्ट स्टाफ और यात्रियों से ली गई जानकारी
जांच के दौरान ट्रेन में मौजूद एस्कॉर्ट स्टाफ और यात्रियों से भी जानकारी जुटाई गई। उनके अनुसार, बाहर से किसी वस्तु या पत्थर के खिड़की से टकराने की आवाज सुनाई दी थी। रेलवे की टीम अब उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटना की वास्तविक लोकेशन का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही पथराव करने वाले व्यक्ति के बारे में सुराग तलाशे जा रहे हैं।
रेलवे एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
रेलवे के अनुसार, 26 सितंबर को तड़के करीब 2:55 बजे अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया गया। केस नंबर 325/2026 के तहत जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ट्रेन पर पत्थर किसने फेंके और इस घटना के पीछे क्या वजह थी।
रेलवे ने जांच जारी रहने की बात कही
पथराव के बाद रेलवे की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। क्षतिग्रस्त खिड़कियों के शीशों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। मामले में CCTV फुटेज, वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। फिलहाल आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है और रेलवे तथा सुरक्षा एजेंसियां घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी हैं।
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