CISCE Mental Health Initiative : काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) अपने संबद्ध स्कूलों के करीब 16 लाख विद्यार्थियों और 32 हजार शिक्षकों के लिए Student Mental Health and Well-Being Initiative शुरू करने जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना नहीं, बल्कि स्कूलों में ऐसा सुरक्षित माहौल तैयार करना है, जहां विद्यार्थी तनाव, चिंता, भावनाओं और भविष्य से जुड़ी अपनी समस्याओं पर खुलकर बातचीत कर सकें।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर होगी पहल की शुरुआत
CISCE की यह विशेष पहल 10 अक्टूबर, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शुरू की जाएगी। कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि छात्रों की आवाज स्कूल स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। इसके जरिए विद्यार्थियों के अनुभवों और सुझावों को एकत्र कर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को समझने और उनके व्यावहारिक समाधान तलाशने की कोशिश की जाएगी।
पहला चरण स्कूलों में साप्ताहिक चर्चाओं से शुरू होगा
कार्यक्रम के पहले चरण में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। 4 से 31 अक्टूबर के बीच स्कूल स्तर पर साप्ताहिक चर्चाएं आयोजित होंगी। इन चर्चाओं का उद्देश्य छात्रों को अपनी परेशानियां और अनुभव साझा करने के लिए सहज मंच देना होगा। साथ ही स्कूलों में सहानुभूति, सहयोग और सहपाठी सहायता की भावना को मजबूत करने पर जोर रहेगा।
चार प्रमुख विषयों पर होगी छात्रों से बातचीत
स्कूल स्तर की चर्चाओं में चार प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है। इनमें शैक्षणिक दबाव और मानसिक तनाव का प्रबंधन, भावनात्मक कल्याण, सोशल मीडिया और स्वस्थ रिश्ते, नशीले पदार्थों से बचाव तथा सही विकल्पों का चयन शामिल हैं। इसके अलावा मानसिक मजबूती विकसित करने और जरूरत पड़ने पर समय पर मदद मांगने की आदत को भी चर्चा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा।
दूसरे चरण में 18 क्षेत्रों में होंगे रीजनल कॉन्क्लेव
पहले चरण में सामने आए विचारों और सुझावों की समीक्षा दूसरे चरण में की जाएगी। देश और विदेश के CISCE स्कूलों के लिए निर्धारित 18 क्षेत्रों में वर्चुअल माध्यम से Regional Student Mental Health and Well-Being Conclave आयोजित किए जाएंगे। यह चरण 4 से 14 नवंबर तक चलेगा। चयनित छात्र प्रतिनिधि और शिक्षक मेंटर्स मिलकर स्कूल स्तर से प्राप्त अनुभवों और सुझावों पर चर्चा करेंगे।
राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए होगा प्रतिनिधियों का चयन
रीजनल कॉन्क्लेव के दौरान योग्यता और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए छात्र प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा। इसका उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों से विद्यार्थियों की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है। इस प्रक्रिया में छात्रों की भागीदारी के साथ शिक्षकों की मार्गदर्शक भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।
हैदराबाद में होगा तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन
कार्यक्रम का तीसरा और अंतिम चरण CISCE Centre of Excellence, Hyderabad में आयोजित किया जाएगा। 20 से 22 नवंबर के बीच होने वाले तीन दिवसीय National Student Mental Health Conclave में 18 क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले 72 छात्र और 18 शिक्षक मेंटर्स शामिल होंगे। इनके साथ मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, नीति निर्माता और शिक्षाविद भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
स्कूल संस्कृति में बदलाव पर CISCE का जोर
CISCE के मुख्य कार्यकारी और सचिव जोसेफ इमैनुएल के अनुसार, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों का समाधान केवल कभी-कभार आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से नहीं किया जा सकता। इसके लिए स्कूल संस्कृति में स्थायी बदलाव की आवश्यकता है। राष्ट्रीय सम्मेलन का लक्ष्य छात्रों के वास्तविक अनुभवों को व्यावहारिक सुझावों, बेहतर स्कूल नीतियों और व्यापक राष्ट्रीय कल्याण ढांचे में बदलना है।
परीक्षा और डिजिटल दबाव के बीच पहल महत्वपूर्ण
आज विद्यार्थियों पर बोर्ड परीक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की पढ़ाई को लेकर दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ सोशल मीडिया और डिजिटल दुनिया का प्रभाव भी उनकी दिनचर्या और सामाजिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में यह पहल छात्रों को अपनी भावनाओं पर बात करने, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी झिझक कम करने और जरूरत पड़ने पर समय रहते काउंसलिंग या सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करने का मंच दे सकती है।
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