CEC Controversy : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संक्षिप्त पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि उन्हें समुद्र में तब तैरना पसंद है, जब लहरें तेज होती हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा कि इससे यह सीख मिलती है कि उथल-पुथल भी शांति का एक रूप हो सकती है। उन्होंने इस पोस्ट में किसी राजनीतिक घटना या व्यक्ति का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया।
CEC विवाद के बीच सामने आया संदेश
राहुल गांधी की यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। हाल ही में द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे।
SIR को लेकर चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम जोड़ने और हटाने तथा चुनावी डेटा तक पहुंच जैसे मामलों पर सवाल उठाए थे। कुछ मामलों में उनके द्वारा संबंधित प्रक्रियाओं को ‘अनधिकृत’ या ‘अवैध’ बताए जाने का भी उल्लेख रिपोर्ट में किया गया। इसके अलावा मतदाता डेटा के प्रबंधन में कथित केंद्रीकरण को लेकर भी आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई।
चुनाव आयोग ने फैसलों पर क्या कहा
दूसरी ओर, चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने इन रिपोर्टों के बाद कहा कि SIR सहित आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण में भी SIR से जुड़े आदेशों को सर्वसम्मत मंजूरी मिलने की बात कही गई। इस तरह एक तरफ आंतरिक आपत्तियों से जुड़ी रिपोर्ट सामने आई, वहीं आयोग ने अपने निर्णयों में सहमति होने का पक्ष रखा।
राहुल गांधी पहले भी उठा चुके हैं सवाल
राहुल गांधी पिछले कुछ समय से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने पहले ‘वोट चोरी’ से जुड़े आरोप लगाए थे और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की थी। अब चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों से संबंधित रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों पर चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ दल की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
ज्ञानेश कुमार को लेकर भी राहुल का दावा
राहुल गांधी ने इससे पहले केरल के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉमसन से जुड़ी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाए थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, थॉमसन ने दावा किया है कि 2016 में कुमार ने उनसे बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने को लेकर बातचीत की थी और मंत्री पद की पेशकश का भी उल्लेख किया था। यह दावा थॉमसन के कथन पर आधारित है और स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि सामने नहीं आई है।
CEC विवाद पर राजनीतिक बयानबाजी जारी
चुनाव आयोग से जुड़े इस पूरे मामले पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी ने राहुल गांधी और विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने 27 सितंबर को राहुल गांधी के आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताया और चुनाव आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण का हवाला दिया।
समुद्री लहरों वाली पोस्ट का संदर्भ स्पष्ट नहीं
राहुल गांधी की रविवार की पोस्ट में CEC, SIR, चुनाव आयोग या किसी राजनीतिक दल का प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं था। इसलिए उनके संदेश का वास्तविक राजनीतिक संदर्भ उन्होंने स्वयं स्पष्ट नहीं किया है। ऐसे में इसे CEC विवाद से जोड़कर देखना राजनीतिक घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में हो रही व्याख्या है, न कि राहुल गांधी की पोस्ट में दिया गया स्पष्ट संदर्भ। फिलहाल चुनाव आयोग, SIR और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
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