CM Vishnu Deo Sai PC : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में साय ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता का बचाव करते हुए कांग्रेस से अपने आरोपों पर माफी मांगने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश में चुनाव संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होते हैं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर बीजेपी राजनीतिक जवाब देगी।
राहुल गांधी पर साय ने साधा निशाना
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राहुल गांधी के खिलाफ कड़ी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जिनसे संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े होते हैं। साय ने राहुल गांधी के व्यवहार को ‘आदतन अपराधी’ जैसा बताया। यह टिप्पणी मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान का हिस्सा थी और उन्होंने इसे चुनाव आयोग से जुड़े मौजूदा विवाद के संदर्भ में रखा।
EVM को लेकर कांग्रेस से पूछा सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के चुनावी आरोपों पर सवाल उठाते हुए EVM का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के विधायक भी EVM के जरिए चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। ऐसे में यदि कांग्रेस EVM और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है, तो उसे अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों की स्थिति को लेकर भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस के विधायक अपने पद से इस्तीफा देंगे।
‘वोट चोरी’ के आरोपों पर बीजेपी देगी जवाब
राहुल गांधी की ओर से चुनावों में कथित ‘वोट चोरी’ और अनियमितताओं को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। साय ने कहा कि यदि कांग्रेस बीजेपी पर वोट चोरी जैसे आरोप लगाएगी, तो बीजेपी उसका राजनीतिक जवाब देगी। उन्होंने कांग्रेस से अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य सामने रखने और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों पर जवाब देने की मांग की।
कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का भी किया जिक्र
विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई चुनावों में हार का सामना कर चुकी है और उनके अनुसार इसी राजनीतिक स्थिति के कारण पार्टी के नेता चुनाव संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगातार आरोप लगाने का आरोप भी लगाया।
चुनाव आयोग में मतभेद पर क्या बोले साय
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़ी हालिया रिपोर्टों पर भी अपनी बात रखी। दरअसल, 23 सितंबर की एक रिपोर्ट में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा पिछले 10 महीनों में SIR समेत कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर 14 बार आपत्ति दर्ज किए जाने की बात कही गई थी।
आयोग ने फैसलों को बताया सर्वसम्मत
इन रिपोर्टों के बाद चुनाव आयोग ने कहा कि SIR समेत उसके फैसले तीनों सदस्यों की मंजूरी से सर्वसम्मति में लिए गए। 26 सितंबर को आयोग की बैठक के बाद भी इस बात को दोहराया गया कि SIR से जुड़े आदेश और कार्यक्रम सभी तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मत मंजूरी से तय हुए। आयोग ने यह भी कहा कि अलग-अलग सदस्यों की टिप्पणियां निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन अंतिम फैसले सर्वसम्मत रहे।
CEC विवाद पर सियासी बयानबाजी जारी
CEC ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर कांग्रेस तथा बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं, जबकि बीजेपी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का हवाला दिया है।
चुनाव प्रक्रिया को लेकर बहस हुई तेज
राहुल गांधी के आरोपों और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रतिक्रिया के बाद चुनाव आयोग की भूमिका और SIR को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। फिलहाल इस पूरे विवाद में अलग-अलग राजनीतिक पक्षों के दावे और आयोग का आधिकारिक पक्ष सामने है। चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर निर्णयों को सर्वसम्मत बताया है, जबकि विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है। ऐसे में विवाद से जुड़े दावों और आधिकारिक रिकॉर्ड के बीच अंतर को समझना महत्वपूर्ण है।
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