Sukhdeo Bhagat on ECI : छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी एवं सांसद सुखदेव भगत ने प्रदेश में अपनी पहली पत्रकार वार्ता के दौरान केंद्र और राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR, हसदेव अरण्य, आदिवासी अधिकार, खनन, रोजगार, कानून-व्यवस्था और किसानों से जुड़े विषयों पर सरकार से जवाब मांगा। भगत ने कहा कि कांग्रेस विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन विकास में स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
सुखदेव भगत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर चिंता जताई। उन्होंने केंद्र सरकार से चुनावी प्रक्रिया को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। भगत के अनुसार लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और मतदाताओं का भरोसा महत्वपूर्ण है।
SIR और मतदाता सूची को लेकर पारदर्शिता की मांग
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के मुद्दे पर कांग्रेस प्रभारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनाव आयोग से सवाल करते हैं, लेकिन जवाब भाजपा की ओर से आता है। कांग्रेस ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की।
विधानसभा वार हटाए गए मतदाताओं का हिसाब मांगा
कांग्रेस ने SIR के बाद मतदाता सूची से हटाए गए नामों का विधानसभा वार विवरण सार्वजनिक करने की मांग रखी। पार्टी ने यह जानकारी भी मांगी कि हटाए गए नामों में आदिवासी, प्रवासी मजदूर और गरीब परिवारों की संख्या कितनी है। कांग्रेस के मुताबिक पूरी प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक होने से पारदर्शिता बढ़ेगी।
हसदेव अरण्य और खनन गतिविधियों पर सवाल
हसदेव अरण्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में खनन गतिविधियों को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार से जवाब मांगा। भगत ने कहा कि विकास परियोजनाओं में स्थानीय समुदायों और ग्राम सभाओं की चिंताओं को महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने जंगल, जैव विविधता और खनिज संसाधनों से प्रभावित परिवारों के हितों को लेकर सवाल उठाए।
जल-जंगल-जमीन पर आदिवासी अधिकार का मुद्दा
कांग्रेस प्रभारी ने PESA और वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की। उन्होंने लंबित और खारिज वन अधिकार पट्टा आवेदनों की स्थिति सार्वजनिक करने की बात कही। भगत ने कहा कि आदिवासी समाज के लिए जंगल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि आजीविका, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं।
DMF राशि के इस्तेमाल पर जवाबदेही की मांग
जिला खनिज न्यास यानी DMF की राशि को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए। पार्टी ने खनन प्रभावित जिलों में पानी, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। कांग्रेस ने पूछा कि खनिज राजस्व का वास्तविक लाभ स्थानीय आबादी तक कितना पहुंच रहा है।
बस्तर में विकास और सुरक्षा को लेकर सवाल
बस्तर में सुरक्षा अभियानों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की स्थिति पर भी कांग्रेस ने सरकार से जवाब मांगा। पार्टी ने कहा कि विकास का आकलन केवल सड़क और सुरक्षा व्यवस्था से नहीं, बल्कि स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और रोजगार के अवसरों से भी होना चाहिए। कांग्रेस ने कथित फर्जी मुठभेड़ों और ग्रामीणों के उत्पीड़न के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
रोजगार और सरकारी भर्तियों का मुद्दा
युवा बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस ने सरकारी भर्तियों की स्थिति और खाली पदों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। भगत ने भर्ती कैलेंडर जारी करने की बात कही। कांग्रेस ने PLFS की 2025 Annual Report का हवाला देते हुए युवाओं की बेरोजगारी दर का उल्लेख किया और सरकार से रोजगार को लेकर स्पष्ट रोडमैप मांगा।
चुनावी वादों और कानून-व्यवस्था पर जवाब मांगा
कांग्रेस ने भाजपा सरकार से चुनावी घोषणाओं और ‘मोदी की गारंटी’ के तहत किए गए वादों की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की। इसके अलावा महिलाओं के खिलाफ अपराध, रायपुर समेत अन्य जिलों की कानून-व्यवस्था और रेत खनन में कथित अनियमितताओं पर भी सरकार से जवाब मांगा गया।
किसान, महंगाई और बिजली के सवाल उठे
पत्रकार वार्ता में किसानों, महंगाई और बिजली से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। कांग्रेस ने कहा कि सरकार को रोजमर्रा की समस्याओं पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। पार्टी के मुताबिक विकास का असर आम परिवारों की आर्थिक स्थिति और जीवन सुविधाओं में दिखाई देना चाहिए।
2028 की तैयारी और संगठन मजबूत करने पर जोर
सुखदेव भगत ने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य केवल 2028 का चुनाव नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों पर आधारित राजनीति को मजबूत करना है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने नए प्रभारी के अनुभव से संगठन को मजबूती मिलने की बात कही। पार्टी ने बूथ स्तर पर संगठन विस्तार, युवा और महिला कार्यकर्ताओं की सक्रियता तथा जनसंपर्क अभियान को प्राथमिकता बताई।
सड़क से सदन तक मुद्दे उठाने का दावा
कांग्रेस ने कहा कि आदिवासी अधिकार, रोजगार, किसान, कानून-व्यवस्था, खनिज संसाधन और मतदाता अधिकार जैसे विषयों को विधानसभा से लेकर जमीनी स्तर तक उठाया जाएगा। भगत ने दोहराया कि कांग्रेस विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन विकास के साथ स्थानीय लोगों के अधिकार और हित सुरक्षित रहना जरूरी है।
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