SIR Controversy : केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा। नड्डा ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष भ्रम फैलाने और देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग के हालिया स्पष्टीकरण के बावजूद विपक्ष अपने आरोपों को लगातार आगे बढ़ा रहा है।
नड्डा ने विपक्ष पर भ्रम और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया
पत्रकारों से बातचीत में नड्डा ने कहा कि विपक्षी दल देश की प्रगति से निराश हैं और इसलिए नए मुद्दों के जरिए भ्रम तथा अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पहले आरोप लगाए जाते हैं, फिर राजनीतिक माहौल गर्म किया जाता है और बाद में मुद्दे से हटने की कोशिश होती है। ये नड्डा के राजनीतिक आरोप हैं।
‘टूलकिट वाली मानसिकता’ का भी किया जिक्र
नड्डा ने विपक्ष की कार्यशैली को ‘टूलकिट वाली मानसिकता’ बताया और कहा कि देश के विकास को रोकने के लिए हर दिन नए आरोप सामने लाए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के पास ठोस नीति और दूरदृष्टि का अभाव है। हालांकि, विपक्षी दल निर्वाचन आयोग और SIR को लेकर अपने सवालों और आपत्तियों को सार्वजनिक रूप से लगातार उठाते रहे हैं।
निर्वाचन आयोग के भीतर उठे सवालों का भी जिक्र
नड्डा की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब निर्वाचन आयोग के दो सदस्यों की SIR से जुड़ी प्रक्रियाओं पर दर्ज आपत्तियों को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। द इंडियन एक्सप्रेस की 25 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कई मौकों पर आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं।
केंद्रीय स्तर पर मतदाता डेटा को लेकर उठी चिंता
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने मतदाता सूची के डेटा तक पहुंच और उसके प्रबंधन में संभावित केंद्रीकरण को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने यह भी चिंता जताई थी कि राज्य स्तर के अधिकारियों की भूमिका या पहुंच प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दोनों अधिकारियों ने कैबिनेट सचिव को अलग-अलग पत्र भेजे थे।
निर्वाचन आयोग ने आंतरिक मतभेद की खबरों पर दिया जवाब
इन रिपोर्टों के बाद निर्वाचन आयोग ने आंतरिक मतभेद की धारणा को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित कदमों को आयोग की बैठक में मंजूरी मिली थी। 26 सितंबर को आयोग ने कहा कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र प्रशासनिक प्रकृति का था और SIR से संबंधित प्रक्रियाओं पर आयोग ने अपने स्तर पर फैसले लिए हैं।
भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को बताया निराधार
भाजपा की ओर से भी निर्वाचन आयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों का विरोध किया गया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि आयोग के भीतर मतभेद या सवाल उठना अपने आप में किसी संवैधानिक संस्था के कामकाज पर अंतिम निष्कर्ष नहीं है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी आयोग के सदस्यों के बीच दर्ज मतभेद को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया था।
राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं पर लगाए आरोप
नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये नेता संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का मुख्य उद्देश्य सत्ता हासिल करना है। ये आरोप भाजपा नेता की राजनीतिक टिप्पणी हैं और विपक्षी दल इन मुद्दों पर अलग-अलग तर्क रखते हैं।
नड्डा बोले, झूठ दोहराने से सच नहीं बदलता
नड्डा ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि किसी आरोप को बार-बार दोहराने से वह तथ्य नहीं बन जाता। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यों की कसौटी पर टिक नहीं रहे हैं। दूसरी ओर, विपक्षी दल निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मतदाता सूचियों से जुड़े सवालों पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं।
SIR को लेकर राजनीतिक टकराव लगातार जारी
SIR को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। एक तरफ भाजपा आयोग के स्पष्टीकरण और प्रक्रियाओं का हवाला दे रही है, जबकि विपक्ष आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े सवाल उठा रहा है। ऐसे में SIR अब केवल मतदाता सूची के पुनरीक्षण का प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है।
‘विकसित भारत’ के मुद्दे को भी नड्डा ने जोड़ा
नड्डा ने अपने बयान में कहा कि भारत विकास और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भाजपा के लिए सत्ता को जनसेवा और ‘अंत्योदय’ का माध्यम बताया। साथ ही आरोप लगाया कि विपक्ष इस प्रगति से निराश होकर नकारात्मक राजनीति कर रहा है। इन टिप्पणियों के बीच SIR और निर्वाचन आयोग को लेकर भाजपा तथा विपक्ष के बीच विवाद आगे भी जारी रहने के संकेत हैं।
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