Sharad Pawar on NDA: महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ समय से शरद पवार के NDA में शामिल होने की अटकलें चल रही थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला था। हालांकि, सोमवार को मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के कार्यकर्ता सम्मेलन में शरद पवार ने इन अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी कहीं नहीं जाएगी और अगर किसी को साथ आना है तो वह उनके साथ आए।
‘हम कहीं नहीं जाएंगे’, पवार ने दिया स्पष्ट संदेश
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शरद पवार ने कहा कि उनके बारे में अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन वह किसी अन्य राजनीतिक खेमे में जाने वाले नहीं हैं। उनके बयान को महाराष्ट्र में उनकी पार्टी की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। NDA में जाने या राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुटों के संभावित विलय की चर्चाओं के बीच पवार ने फिलहाल ऐसी संभावनाओं से दूरी स्पष्ट की है।
महाविकास आघाड़ी और INDIA गठबंधन का संदर्भ
शरद पवार के बयान के बाद उनकी पार्टी के मौजूदा गठबंधन संबंधों को लेकर तस्वीर पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट हुई है। NCP (SP) महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन की राजनीति का हिस्सा है। हालांकि, भविष्य में किसी गठबंधन को लेकर अंतिम राजनीतिक समीकरण संबंधित दलों के फैसलों और बातचीत पर निर्भर करेंगे। पवार ने सोमवार के सम्मेलन में NDA में जाने की अटकलों को स्वीकार नहीं किया।
महाराष्ट्र के सूखे पर सरकार को चेतावनी
कार्यकर्ता सम्मेलन में शरद पवार ने महाराष्ट्र की सूखे की स्थिति को भी प्रमुख मुद्दा बनाया। राज्य सरकार ने हाल ही में 358 में से 265 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। यह घोषणा करीब तीन-चौथाई तहसीलों को प्रभावित करती है। सरकार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों में फसल ऋण पुनर्गठन, कृषि पंपों के बिजली बिल से जुड़ी राहत और अन्य उपायों की घोषणा की है।
किसानों के लिए राहत की मांग
शरद पवार ने सरकार से किसानों, कृषि मजदूरों और ग्रामीण आबादी के लिए अतिरिक्त राहत की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को 17 सूत्रीय मांगों वाला पत्र भी भेजा है। इसमें कृषि ऋण राहत, भूमि राजस्व और कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत, प्रभावित परिवारों को सहायता तथा किसानों के लिए आर्थिक मदद जैसे मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने सूखे पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग भी की है।
‘मांगें नहीं मानीं तो सड़क पर उतरेंगे’
पवार ने कहा कि पार्टी फिलहाल सरकार के सामने अपनी मांगें रखेगी और उन्हें पूरा करने का आग्रह करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि यदि किसानों से जुड़ी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आंदोलन का रास्ता अपना सकती है। उनका कहना है कि सूखे की स्थिति में राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार को भी किसानों के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
फसल सहायता और कर्ज को लेकर चिंता
पवार ने किसानों की आर्थिक समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि कर्ज में फंसे किसानों के सामने नया कर्ज हासिल करने की समस्या भी रहती है। उन्होंने फसल के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने और किसानों के बीच सरकारी योजनाओं की जानकारी बढ़ाने की आवश्यकता बताई। मौजूदा सूखे के बीच राज्य सरकार ने प्रभावित तहसीलों में फसल नुकसान का आकलन शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं।
AI को लेकर कार्यकर्ताओं को दिया संदेश
सम्मेलन में शरद पवार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान में AI और रोबोटिक्स से जुड़ी गतिविधियों का उल्लेख किया। हाल ही में वहां एक रोबोट ने उनका स्वागत किया था। पवार ने कार्यकर्ताओं से AI को समझने और इससे संबंधित सामग्री पढ़ने की अपील की।
चुनावी राजनीति में AI के इस्तेमाल की चर्चा
पवार ने कहा कि आने वाले समय में AI और इससे जुड़े उपकरण चुनावी प्रक्रियाओं, प्रचार और संगठनात्मक कामकाज में उपयोग किए जा सकते हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को तकनीक को समझने की जरूरत बताई। उनका संदेश था कि बदलते तकनीकी दौर में राजनीतिक संगठनों को AI की संभावनाओं और उससे जुड़े प्रभावों को समझकर अपनी तैयारी करनी चाहिए।
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