Balrampur DEO Removed : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ी करीब 4.5 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शासन के आदेश के बाद प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) मनीराम यादव को पद से हटा दिया गया है। उन्हें अब उनके मूल पद पर वापस भेज दिया गया है। इस प्रशासनिक बदलाव के बाद शिक्षा विभाग में हलचल बढ़ गई है।
मनीराम यादव को प्रभारी DEO पद से हटाया गया
शासन के निर्देश के मुताबिक मनीराम यादव अब बलरामपुर-रामानुजगंज के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर नहीं रहेंगे। उन्हें उनके मूल पद पर वापस भेजने का निर्णय लिया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब उनके कार्यकाल से संबंधित करीब 4.5 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता की शिकायतों और जांच की चर्चा सामने आई थी।
नरेंद्र कुमार निरापुरे को मिली नई जिम्मेदारी
मनीराम यादव के स्थान पर नरेंद्र कुमार निरापुरे को बलरामपुर-रामानुजगंज का नया प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। शासन की ओर से जारी आदेश के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई नियुक्ति के साथ ही अब जिले के शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी नरेंद्र कुमार निरापुरे संभालेंगे।
पहले हाई स्कूल के प्राचार्य थे निरापुरे
नरेंद्र कुमार निरापुरे इससे पहले मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मानपुर विकासखंड स्थित शासकीय हाई स्कूल कोराचा में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में प्रभारी DEO की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी नियुक्ति के बाद शिक्षा विभाग से जुड़े लंबित प्रशासनिक और वित्तीय मामलों पर भी निगाहें रहेंगी।
4.5 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता की जांच
मनीराम यादव के कार्यकाल से संबंधित करीब 4.5 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर शिकायतों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई थी। संबंधित वित्तीय मामलों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार किए जाने और उसे शासन स्तर पर भेजे जाने की बात कही गई है। हालांकि, इस मामले में अंतिम निष्कर्ष और जिम्मेदारी तय होने की प्रक्रिया अभी अलग स्तर पर होनी है।

जांच रिपोर्ट के बाद सामने आया बदलाव
शिक्षा विभाग से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच रिपोर्ट शासन तक पहुंचने के बाद मनीराम यादव को प्रभारी DEO के पद से हटाने का आदेश सामने आया है। हालांकि, प्रशासनिक पद से हटाया जाना अपने आप में किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। मामले में वास्तविक जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों तथा शासन के निर्णय पर निर्भर करेगी।
विभागीय कार्रवाई को लेकर बढ़ी निगाहें
बलरामपुर वित्तीय अनियमितता मामले में अब आगे की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है। जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों का शासन स्तर पर परीक्षण किए जाने के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल मनीराम यादव को उनके मूल पद पर वापस भेज दिया गया है और नरेंद्र कुमार निरापुरे ने प्रभारी DEO की नई जिम्मेदारी संभाली है।
नए DEO के सामने कई अहम जिम्मेदारियां
नए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार निरापुरे के सामने जिले के शिक्षा विभाग के नियमित प्रशासनिक कामकाज के साथ-साथ लंबित मामलों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। वित्तीय मामलों में पारदर्शिता और विभागीय प्रक्रियाओं के पालन पर भी निगाह रहेगी। आने वाले दिनों में शासन की ओर से जांच के संबंध में कोई अतिरिक्त निर्देश जारी होते हैं या नहीं, यह महत्वपूर्ण रहेगा।
आगे की कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल बलरामपुर-रामानुजगंज शिक्षा विभाग में हुए इस बदलाव को 4.5 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता से जुड़ी जांच के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, पूरे मामले में अंतिम स्थिति जांच और शासन के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी। विभागीय स्तर पर अब आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट के आधार पर लिए जाने वाले फैसलों का इंतजार किया जा रहा है।
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