CG Nursing Strike : छत्तीसगढ़ में नर्सिंग कर्मचारियों ने ग्रेड पे की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के मुताबिक, ग्रेड पे से संबंधित प्रस्ताव लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित है। संगठन ने अब सरकार को मांग पूरी करने के लिए समय दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि दिवाली से पहले निर्णय नहीं हुआ तो 18 नवंबर से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
10 मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पताल प्रभावित होने की संभावना
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने कहा है कि प्रस्तावित हड़ताल में नियमित कर्मचारियों के साथ संविदा और डेली वेजेस पर काम करने वाले नर्सिंग कर्मचारी भी शामिल होंगे। संगठन के अनुसार, आंदोलन का असर प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों की सेवाओं पर पड़ सकता है। हालांकि, हड़ताल की स्थिति में अस्पतालों में सेवाओं को लेकर वास्तविक प्रभाव प्रशासन की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
तीन मेडिकल कॉलेजों में दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन
ग्रेड पे की मांग को लेकर सोमवार को कोरबा, अंबिकापुर और महासमुंद मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में नर्सिंग कर्मचारियों ने दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया और सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की। संगठन ने बताया कि मंगलवार को भी इसी तरह का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
रायपुर में पहले भी हो चुका है विरोध
नर्सिंग कर्मचारियों ने इससे पहले रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में भी विरोध प्रदर्शन किया था। संगठन के अनुसार, 9, 10 और 11 सितंबर को कर्मचारियों ने लगातार तीन दिनों तक दो घंटे का प्रदर्शन किया था। एसोसिएशन का कहना है कि कई चरणों में विरोध दर्ज कराने के बावजूद ग्रेड पे के मुद्दे पर अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
जगदलपुर और कांकेर समेत इन जिलों में होगा प्रदर्शन
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के अनुसार, अगले सप्ताह जगदलपुर, कांकेर और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में भी दो घंटे का सांकेतिक विरोध किया जाएगा। संगठन का दावा है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नर्सिंग कर्मचारी एकजुट होकर ग्रेड पे की मांग उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक करने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन और स्कूटी रैली की तैयारी
संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की अनुमति मांगी है। इसके साथ ही नर्सिंग कर्मचारियों की ओर से स्कूटी रैली निकालने की अनुमति भी मांगी गई है। एसोसिएशन का कहना है कि प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल की सूचना सरकार को करीब 50 दिन पहले ही दी जा चुकी है। संगठन अब सरकार से मांग पर स्पष्ट फैसला चाहता है।
2018 में 18 दिन चला था नर्सिंग कर्मचारियों का आंदोलन
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने अपने पिछले आंदोलन का भी उल्लेख किया है। संगठन के मुताबिक, वर्ष 2018 में नर्सिंग कर्मचारियों ने ग्रेड पे समेत अपनी मांगों को लेकर 18 दिनों तक प्रदेशस्तरीय आंदोलन किया था। एसोसिएशन का दावा है कि उस दौरान दो दिन कर्मचारियों को जेल में भी रखा गया था। आंदोलन के बाद ग्रेड पे को लेकर शासन स्तर पर अनुशंसा की गई थी।
जून 2021 में प्रस्ताव अमान्य होने का दावा
एसोसिएशन का कहना है कि 2018 के आंदोलन के बाद ग्रेड पे को लेकर शासन स्तर पर अनुशंसा हुई थी, लेकिन जून 2021 में उस प्रस्ताव को अमान्य कर दिया गया। अब नर्सिंग कर्मचारी पुराने प्रस्ताव को दोबारा लागू करने की मांग कर रहे हैं। संगठन के मुताबिक, यह मुद्दा लंबे समय से लंबित है और कर्मचारियों में इसे लेकर असंतोष बढ़ रहा है।
दिवाली तक फैसला नहीं हुआ तो 18 नवंबर से हड़ताल
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन का कहना है कि अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका महत्वपूर्ण है और वेतनमान से जुड़ी मांग पर लंबे समय से निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। संगठन ने सरकार से दिवाली से पहले ग्रेड पे लागू करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर 18 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
सरकार के फैसले पर टिकी आंदोलन की अगली रणनीति
नर्सिंग कर्मचारियों के प्रस्तावित आंदोलन की अगली दिशा अब सरकार के फैसले पर निर्भर करेगी। एसोसिएशन ने कहा है कि वह पहले सरकार को मांग पर निर्णय लेने का अवसर दे रहा है। यदि तय समयसीमा में समाधान नहीं निकलता है, तो नियमित, संविदा और डेली वेजेस कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। इससे प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना जताई गई है।
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