BSP Scrap Chori Case : भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में कथित लोहा और स्क्रैप चोरी से जुड़े मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। छत्तीसगढ़ सरकार ने मामले की जांच CBI से कराने के लिए अपनी सहमति दे दी है। इसके संबंध में राजपत्र में अधिसूचना जारी की गई है। इसके बाद मामले की जांच का दायरा राज्यभर में इससे जुड़े अपराधों तक पहुंचने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने CBI जांच को दी मंजूरी
राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के बाद CBI को मामले की जांच के लिए औपचारिक आधार मिल गया है। अब केंद्रीय एजेंसी स्क्रैप चोरी से जुड़े उन पहलुओं की भी पड़ताल कर सकती है, जो स्थानीय पुलिस की जांच के दायरे से आगे जाते हैं। जांच में कथित चोरी, स्क्रैप के परिवहन, खरीद-फरोख्त और इससे जुड़े नेटवर्क की भूमिका जैसे पहलुओं की जांच की जा सकती है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताई व्यापक जांच की जरूरत
मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि BSP से जुड़ा यह विषय काफी समय से सामने आ रहा था। उनके मुताबिक, मामले की पूरी स्पष्टता के लिए व्यापक स्तर पर जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अब तक मामले में कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इसके बावजूद व्यापक जांच की जरूरत को देखते हुए मामला CBI को भेजा गया है।
पुलिस कार्रवाई में अब तक कई गिरफ्तारियां
स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस की ओर से अब तक 21 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस जांच के दौरान कथित तौर पर स्क्रैप की चोरी, उसके परिवहन और आगे बिक्री या खपत से जुड़े पहलुओं को खंगाला गया। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर कई लोगों से पूछताछ और कार्रवाई की गई है। अब केंद्रीय एजेंसी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच करेगी।
कई उद्योगपति भी जांच के दायरे में होने की चर्चा
मामले में कुछ उद्योगपतियों के भी जांच के दायरे में होने की बात सामने आई है। हालांकि, किसी व्यक्ति या कारोबारी का जांच के दायरे में होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। संबंधित लोगों की भूमिका का निर्धारण जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा। CBI जांच के बाद मामले से जुड़े तथ्यों की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
विधायक रिकेश सेन की शिकायत के बाद बढ़ी कार्रवाई
BSP में कथित स्क्रैप चोरी का मामला विधायक रिकेश सेन की शिकायत के बाद और चर्चा में आया था। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए कई संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की और गिरफ्तारियां कीं। मामले की गंभीरता और संभावित व्यापक नेटवर्क को देखते हुए अब राज्य सरकार ने CBI जांच के लिए सहमति दी है। इससे जांच एजेंसी को पूरे मामले की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने का अवसर मिलेगा।
बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
CBI जांच को लेकर बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस पर राजनीतिक हमला भी किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पांच वर्षों तक राज्य में CBI की जांच पर रोक थी। उनके ये आरोप राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं और इन पर कांग्रेस का पक्ष अलग हो सकता है।
अब CBI खंगालेगी कथित स्क्रैप नेटवर्क
राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद मामले की जांच का अगला चरण CBI के हाथ में होगा। केंद्रीय जांच एजेंसी कथित स्क्रैप चोरी से लेकर उसके परिवहन, खरीद-फरोख्त और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर सकती है। स्थानीय पुलिस द्वारा अब तक जुटाए गए दस्तावेज, बयान और अन्य साक्ष्य भी आगे की जांच में उपयोगी हो सकते हैं।
जांच के बाद स्पष्ट होगी आरोपों की तस्वीर
CBI जांच शुरू होने के बाद यह पता लगाने की कोशिश होगी कि BSP से कथित स्क्रैप चोरी का नेटवर्क कितना व्यापक था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। फिलहाल 21 से अधिक गिरफ्तारियों और कई अन्य लोगों के जांच के दायरे में होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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