LPU Violence : पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी यानी LPU परिसर में हुए उग्र प्रदर्शन के बाद अंदर स्थित Uni Mall की स्थिति सामने आई है। 26 और 27 सितंबर की दरमियानी रात हुई हिंसा के दौरान मॉल की कई दुकानों में तोड़फोड़ और कथित लूटपाट हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, दुकानों के शीशे टूटे मिले और काउंटर व अन्य सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त पाए गए।
इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों को बनाया गया निशाना
रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल से जुड़ी कई दुकानों में रखे महंगे सामान गायब मिले। इनमें Sony PlayStation 5, नए और पुराने iPhone, लैपटॉप तथा मोबाइल एक्सेसरीज शामिल हैं। दुकानदारों के मुताबिक, कुछ ऐसे मोबाइल फोन भी नहीं मिले जिन्हें ग्राहक मरम्मत के लिए दुकानों पर छोड़कर गए थे। इससे दुकानदारों के साथ ग्राहकों को भी नुकसान होने की बात सामने आई है।
गल्लों से नकदी और दुकानों से महंगा सामान चोरी
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ दुकानों में रखे कैश काउंटर तोड़ दिए गए और वहां से नकदी निकाल ली गई। दुकानदारों का दावा है कि कई जगहों पर नुकसान लाखों रुपये तक पहुंच गया है। कपड़ों और कॉस्मेटिक्स से जुड़ी दुकानों से महंगे परफ्यूम और अन्य उत्पाद भी गायब बताए गए हैं। कुछ परफ्यूम की कीमत 15 हजार से 17 हजार रुपये तक बताई गई है।
CCTV कैमरे और DVR भी उखाड़े जाने का दावा
हिंसा के बाद दुकानों में सिर्फ सामान की चोरी ही नहीं, बल्कि निगरानी से जुड़े उपकरणों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दुकानों से CCTV कैमरे, DVR और सर्वर तक उखाड़ लिए गए। इससे घटनाक्रम से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। पुलिस अब उपलब्ध फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
कैफे और स्वीट्स दुकानों में भी जमकर तोड़फोड़
Uni Mall में मौजूद कैफे और खाने-पीने की दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया गया। दुकानदारों के अनुसार, कई जगहों पर फर्नीचर, एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर और ओवन जैसे उपकरण क्षतिग्रस्त मिले। मॉल में हुई व्यापक तोड़फोड़ के कारण कारोबारियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ दुकानों को दोबारा व्यवस्थित करने की चुनौती भी सामने आई है।
किताबों की दुकानें बचीं, सामने आया अलग पहलू
हिंसा और लूटपाट के बीच मॉल की दो किताब और स्टेशनरी की दुकानों का सुरक्षित रहना चर्चा का विषय बन गया है। प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि अन्य दुकानों में सामान ले जाया गया, लेकिन किताबों को नहीं छुआ गया। इस घटना का यह पहलू सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है। हालांकि, इस बारे में स्वतंत्र रूप से सभी दावों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
दुकानदारों ने लाखों रुपये के नुकसान का दावा किया
दुकानदारों के अनुसार, अलग-अलग कारोबारियों को हुए नुकसान का अनुमान करीब 50 लाख से 90 लाख रुपये तक बताया जा रहा है। हालांकि, नुकसान की वास्तविक राशि का आकलन पुलिस जांच और दुकानों के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। चोरी हुए इलेक्ट्रॉनिक सामान, नकदी और क्षतिग्रस्त उपकरणों का अलग-अलग मूल्यांकन किया जा रहा है।
पुलिस CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान में जुटी
LPU प्रशासन और कुछ छात्रों की ओर से दावा किया गया है कि हिंसा और लूटपाट में बाहरी लोग भी शामिल हो सकते हैं। उनके अनुसार, कुछ लोग चेहरे ढककर और डंडों के साथ परिसर में पहुंचे थे। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन CCTV फुटेज समेत उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। करीब 30 से 40 छात्रों की भूमिका भी जांच के दायरे में होने की बात सामने आई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हिंसा और लूटपाट में कौन-कौन लोग शामिल थे।
Read More : Houthi Attack: ‘सऊदी का दुश्मन पाकिस्तान का दुश्मन’, ख्वाजा आसिफ के बयान से बढ़ा तनाव