Asian Games 2026 : जापान में जारी एशियाई खेलों में भारत ने तीरंदाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के कंपाउंड टीम इवेंट का स्वर्ण पदक जीत लिया। ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की भारतीय तिकड़ी ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया विश्व रिकॉर्ड भी कायम किया।
फाइनल में शुरुआत से भारत का दबदबा
चीन ने खिताबी मुकाबले की शुरुआत तीन नौ अंकों के साथ की, जबकि भारतीय तीरंदाजों ने लगातार तीन परफेक्ट 10 लगाकर शुरुआती बढ़त बना ली। पहले राउंड के बाद भारत 30-27 से आगे था। दूसरे राउंड में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव बनाए रखा और तीनों ने 10 का स्कोर करते हुए अपनी स्थिति मजबूत की।
हर राउंड में बढ़त बनाए रखी
मुकाबले के अगले चरण में चीन ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम ने सटीक निशाने लगाते हुए बढ़त बरकरार रखी। हाफवे पॉइंट तक भारत 119-116 से आगे था। दूसरे हाफ में भी चीन ने दबाव बनाने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण मौकों पर परफेक्ट 10 लगाकर अपनी बढ़त को कायम रखा।
आखिरी राउंड में भारत ने पक्का किया गोल्ड
मुकाबले के अंतिम चरण में भारतीय टीम ने शानदार संयम दिखाया। पृथिका और ज्योति के महत्वपूर्ण 10 अंकों ने भारत को बढ़त बनाए रखने में मदद की। अंत में तीनों भारतीय तीरंदाजों ने परफेक्ट 10 के साथ मुकाबला खत्म किया और भारत ने 238-234 से जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
ज्योति ने जीता चौथा एशियन गेम्स गोल्ड
इस स्वर्ण पदक के साथ ज्योति सुरेखा वेन्नम ने अपने एशियाई खेलों के स्वर्ण पदकों की संख्या चार कर ली। वहीं चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप के लिए यह एशियाई खेलों में पहला स्वर्ण पदक है। दोनों खिलाड़ियों ने अपने डेब्यू में ही टीम इवेंट में गोल्ड जीतकर शानदार शुरुआत की।
भारत ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की
फाइनल में भारत के 238 अंकों ने रिकॉर्ड बुक में भी जगह बनाई। भारतीय टीम ने 2014 में दक्षिण कोरिया द्वारा बनाए गए 238 अंकों के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। इस प्रदर्शन ने फाइनल में भारतीय तीरंदाजों की निरंतरता और सटीकता को भी दिखाया।
सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को दी थी मात
फाइनल से पहले भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को रोमांचक मुकाबले में 235-233 से हराया था। मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष हुआ और एक समय स्कोर 175-175 से बराबर हो गया था। इसके बाद भारतीय तिकड़ी ने अंतिम चरण में बेहतर निशाना लगाकर दो अंकों से जीत दर्ज की।
आखिरी तीरों ने दिलाई सेमीफाइनल जीत
सेमीफाइनल के निर्णायक चरण में चिकिता और पृथिका ने 10-10 अंक हासिल किए, जबकि ज्योति ने 9 का स्कोर किया। इन महत्वपूर्ण निशानों ने भारत को 235 अंक तक पहुंचाया। दक्षिण कोरिया की टीम 233 पर रुक गई और भारतीय तिकड़ी ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
भारत के पदक अभियान को मिली बड़ी मजबूती
महिला कंपाउंड टीम का यह स्वर्ण पदक एशियाई खेलों में भारत के पदक अभियान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा। ज्योति, चिकिता और पृथिका की तिकड़ी ने पूरे मुकाबले में दबाव के बावजूद लगातार सटीक निशाने लगाए। चीन के खिलाफ फाइनल में 238 अंक बनाकर भारतीय टीम ने न केवल गोल्ड जीता, बल्कि अपने शानदार प्रदर्शन से रिकॉर्ड की भी बराबरी की।
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