Thane Firing : महाराष्ट्र के ठाणे शहर में शिवसेना (यूबीटी) के स्थानीय नेता प्रदीप पूर्णेकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मंगलवार, 29 सितंबर की रात कपूरबावड़ी पुलिस थाना क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला किया। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने पूर्णेकर पर दो राउंड फायरिंग की। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मारपीट के बाद हमलावरों ने चलाईं गोलियां
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने प्रदीप पूर्णेकर के साथ मारपीट भी की और इसके बाद उन पर गोलियां चलाईं। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पूर्णेकर को गंभीर हालत में घोड़बंदर रोड स्थित आर मॉल के पास इन्फिनिटी हॉस्पिटल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी हालत बेहद गंभीर थी और उन्हें बचाया नहीं जा सका।
पार्टी के विभाग प्रमुख के तौर पर सक्रिय थे पूर्णेकर
शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं के अनुसार, प्रदीप पूर्णेकर पार्टी के ठाणे विभाग प्रमुख थे। वह स्थानीय स्तर पर संगठन से जुड़े राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे। रिपोर्टों के मुताबिक, वह पूर्व सांसद राजन विचारे के करीबी भी माने जाते थे। उनके भाई जयनाथ पूर्णेकर ठाणे के पूर्व नगरसेवक रह चुके हैं।
घटना के बाद इलाके में बढ़ा तनाव
गोलीबारी की खबर सामने आने के बाद ठाणे के संबंधित इलाके में तनाव और चिंता का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित किया। पुलिस ने वहां से जरूरी साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम की मदद ली। वारदात के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।
CCTV फुटेज से हमलावरों की तलाश
पुलिस अब हमलावरों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जांचकर्ता आरोपियों के भागने के संभावित रास्तों की जानकारी जुटा रहे हैं। इसके अलावा ठाणे के प्रमुख निकास मार्गों पर नाकाबंदी कर संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस हमलावरों की पहचान और उनकी गतिविधियों से जुड़े सुराग जुटाने में लगी है।
हत्या की वजह अभी पुलिस जांच का विषय
पुलिस के मुताबिक, प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के पीछे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। जांच में राजनीतिक रंजिश और व्यक्तिगत दुश्मनी समेत अलग-अलग संभावित पहलुओं को शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी के आधार पर मामले को आगे बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
नकाबपोश हमलावरों की भूमिका की भी जांच
कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि हमलावर चेहरे ढककर मौके पर पहुंचे थे और वारदात के बाद फरार हो गए। हालांकि, हमलावरों की संख्या, पहचान और घटना की पूरी परिस्थितियों को लेकर पुलिस की जांच जारी है। अधिकारी घटनास्थल से मिले सबूतों और आसपास के CCTV फुटेज को जोड़कर वारदात की कड़ियां तलाश रहे हैं।
वरिष्ठ नेताओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की
घटना के बाद शिवसेना (यूबीटी) से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं में रोष है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हमले में शामिल आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले की तेजी से जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि प्राथमिकता हमलावरों की पहचान कर उन्हें पकड़ना और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाना है। मामले में आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।
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