Congress Protest : उत्तर प्रदेश के आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर हुए विरोध-प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। प्रदर्शन के दौरान आवास के मुख्य गेट और दीवार पर काले रंग से नारे लिखने का आरोप लगाया गया है। मामले में पुलिस ने कई गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने छह नामजद कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
SIR के विरोध में प्रदर्शन का दावा
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह प्रदर्शन कांग्रेस की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चलाए जा रहे विरोध अभियान के तहत किया गया था। आगरा के विजय नगर क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त के पैतृक आवास के बाहर पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और विरोध जताया। इसी दौरान आवास की दीवार और मुख्य गेट पर काले स्प्रे पेंट से नारे लिखे जाने का आरोप सामने आया।
दीवार और गेट पर नारे लिखने का आरोप
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने काले स्प्रे पेंट का इस्तेमाल करते हुए चुनाव आयोग और CEC के खिलाफ नारे लिखे। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और लिखे गए नारों को हटाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर उपद्रव या आवास में प्रवेश की कोशिश जैसी कोई घटना हुई थी या नहीं।
आठ नामजद और 15 से 20 अज्ञात आरोपी
हरीपर्वत थाना पुलिस ने एक सब-इंस्पेक्टर की शिकायत के आधार पर आठ नामजद लोगों तथा 15 से 20 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस के मुताबिक, मामले में हिंसा, सरकारी काम में बाधा, आपराधिक धमकी और अतिचार समेत विभिन्न आरोपों से संबंधित कानूनी प्रावधान शामिल किए गए हैं।
छह कांग्रेस नेताओं को किया गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में छह कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए नेताओं में अनिल यादव, मुकेश धनगर, मनोज गौर, राजेश कुमार, राजा गौतम और पंकज चौधरी शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत की प्रक्रिया के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब एफआईआर में नामजद अन्य लोगों और अज्ञात आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
BNS की कई धाराओं में दर्ज मुकदमा
पुलिस ने एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 121, 126, 132, 191, 333, 351 और 352 सहित कई धाराओं का उल्लेख किया है। इनमें हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए चोट पहुंचाने, गलत तरीके से रोकने, आपराधिक बल, दंगा, अतिचार और आपराधिक धमकी से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इन धाराओं के तहत दर्ज आरोपों की जांच अभी जारी है।
आवास के आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद CEC ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटाने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों और CCTV फुटेज की समीक्षा शुरू की। अधिकारियों की ओर से विरोध-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर जताई आपत्ति
कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर में लगाई गई गंभीर धाराओं पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन राजनीतिक विरोध और नारेबाजी तक सीमित था, लेकिन पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगा दीं। कांग्रेस ने इन आरोपों को गलत बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग करने की बात कही है। पार्टी के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखने की बात भी कही है।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
CEC के आवास के बाहर हुआ यह घटनाक्रम SIR को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच जारी राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि में सामने आया है। कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया और SIR से जुड़े मुद्दों पर लगातार सवाल उठाती रही है। वहीं, आगरा पुलिस इस मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर आगे की जांच कर रही है। अब मामले में जांच, अदालत की कार्यवाही और अन्य आरोपियों की भूमिका से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रहेगी।
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