Nandigram By Election : पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को मिली अंतरिम जमानत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत प्रधान को चुनाव प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी। राज्य सरकार ने मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया।
सॉलिसिटर जनरल ने मांगी तत्काल सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए मामले पर जल्द सुनवाई की मांग की। उनका कहना था कि मिलन प्रधान हत्या सहित गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किए गए हैं और हाई कोर्ट ने उन्हें चुनाव लड़ने तथा प्रचार करने के उद्देश्य से अंतरिम राहत दी है। इसलिए राज्य की याचिका पर तुरंत विचार किया जाना चाहिए।
चीफ जस्टिस ने सोमवार को सुनवाई की बात कही
सॉलिसिटर जनरल की तत्काल सुनवाई की मांग पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि गुरुवार को पहले से कई मामले सूचीबद्ध हैं। उन्होंने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि इस मामले पर सोमवार को सुनवाई की जाएगी। अदालत की टिप्पणी के अनुसार, राज्य की याचिका पर उसी दिन आदेश पारित किया जा सकता है।
हाई कोर्ट ने मिलन प्रधान को दी थी अंतरिम जमानत
कलकत्ता हाई कोर्ट ने 29 सितंबर को कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को छह आपराधिक मामलों में अंतरिम जमानत दी थी। अदालत ने उन्हें 20 अक्टूबर तक राहत दी और नंदीग्राम उपचुनाव के लिए प्रचार करने की अनुमति दी। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अंतरिम राहत की अवधि समाप्त होने के बाद प्रधान को संबंधित निचली अदालत के सामने आत्मसमर्पण करना होगा।
2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े हैं मामले
मिलन प्रधान के खिलाफ जिन मामलों में कार्रवाई हुई है, वे वर्ष 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े बताए गए हैं। इन मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के प्रावधानों से संबंधित आरोप शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इन मामलों में लंबे समय से लंबित कानूनी प्रक्रिया के बीच प्रधान को हाल ही में गिरफ्तार किया गया था।
नामांकन के बाद गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट की टिप्पणी
अंतरिम जमानत देते समय कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस तथ्य पर भी गौर किया कि प्रधान को नामांकन दाखिल करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने यह सवाल उठाया था कि वर्ष 2007 से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी इतने लंबे समय बाद क्यों हुई। कोर्ट के मुताबिक, राज्य के पास पहले कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त समय था।
6 अक्टूबर को होना है नंदीग्राम उपचुनाव
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को प्रस्तावित है। यह सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीतने के बाद भवानीपुर सीट बरकरार रखने के फैसले से खाली हुई। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नंदीग्राम और रेजिनगर सीट पर एक साथ उपचुनाव होगा।
ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन दिया
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी से पहले तृणमूल कांग्रेस की ओर से नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद यह समर्थन सामने आया। इसके कुछ घंटों बाद प्रधान की गिरफ्तारी हुई थी।
अब सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश पर नजर
फिलहाल मिलन प्रधान को मिली अंतरिम जमानत और उनके चुनाव प्रचार से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष है। पश्चिम बंगाल सरकार की चुनौती पर अब सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित है। इस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट कलकत्ता हाई कोर्ट के अंतरिम जमानत आदेश को लेकर राज्य की दलीलों पर विचार करेगा। नंदीग्राम उपचुनाव से पहले यह मामला कानूनी और चुनावी दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण घटनाक्रम बना हुआ है।
Read More : ECI Form 6 : चुनाव आयोग ने Form-6 से Annexure-D हटाया, जानें नए वोटरों के लिए क्या बदला