Gautam Gambhir Statement : भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे के बाद पिच को लेकर अपनी राय रखी। भारत ने 406 रन का लक्ष्य सिर्फ 43.3 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। रिकॉर्ड रन चेज के बावजूद गंभीर ने कहा कि वनडे क्रिकेट में बल्ले और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला होना चाहिए और गेंदबाजों को भी पिच से कुछ मदद मिलनी जरूरी है।
गंभीर बोले, मुकाबला सिर्फ बल्लेबाजों का नहीं होना चाहिए
गंभीर ने मैच के बाद कहा कि अगर ईमानदारी से बात की जाए तो बल्ले और गेंद के बीच थोड़ा अधिक प्रतिस्पर्धा जरूरी है। उनके अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में जहां गेंदबाजों के पास बहुत कम विकल्प होते हैं, मुकाबला मुख्य रूप से बल्लेबाजी तक सीमित हो जाता है। उन्होंने कहा कि दर्शकों और रिकॉर्ड के लिहाज से 400 से ज्यादा रन वाला मुकाबला शानदार हो सकता है, लेकिन गेंदबाजों के नजरिए से ऐसी पिच चुनौतीपूर्ण है।
वेस्टइंडीज ने बनाए 405 रन, भारत ने किया रिकॉर्ड चेज
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 405 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जॉन कैंपबेल, शाई होप और अमीर जांगू ने शतकीय पारियां खेलकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में भारत ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 43.3 ओवर में 408 रन बनाकर आठ विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।
गिल और रोहित ने रखी जीत की मजबूत नींव
शुभमन गिल ने 133 गेंदों पर नाबाद 223 रन की रिकॉर्डतोड़ पारी खेली। वहीं रोहित शर्मा ने 75 गेंदों पर 101 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 255 रन की साझेदारी की, जो पुरुष वनडे में भारत की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी रही। रोहित के आउट होने के बाद विराट कोहली 19 गेंदों में 29 रन बनाकर आउट हुए, जबकि ऋतुराज गायकवाड़ ने 37 गेंदों पर 31 रन बनाकर गिल के साथ लक्ष्य पूरा किया।
400 से ज्यादा लक्ष्य का सिर्फ दूसरा सफल चेज
भारत की यह जीत वनडे इतिहास में 400 या उससे अधिक रन के लक्ष्य का केवल दूसरा सफल पीछा रही। इससे पहले 2006 में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 438 रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया था। इस लिहाज से गुवाहाटी में भारत की जीत रिकॉर्ड बुक में भी दर्ज हो गई।
गंभीर ने गेंदबाजों के आंकड़ों को लेकर दी सलाह
गंभीर ने कहा कि सपाट पिचों पर गेंदबाजों के प्रदर्शन का मूल्यांकन केवल आंकड़ों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, कई बार गेंदबाज अपनी योजना सही तरीके से लागू करते हैं, लेकिन पिच और बल्लेबाजों की आक्रामक शैली के कारण उनके आंकड़े खराब नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक वनडे क्रिकेट में पांच फील्डर सर्कल के अंदर होने और पावर-हिटिंग बढ़ने से गेंदबाजों के विकल्प सीमित हो जाते हैं।
आकिब नबी को दबाव में मौका देने की रणनीति
भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त के बावजूद युवा गेंदबाज आकिब नबी को डेब्यू का मौका दिया। गंभीर ने बताया कि टीम का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को दबाव वाली परिस्थितियों में आजमाना है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में दबाव अधिक होता है, इसलिए खिलाड़ियों को अभी से कठिन परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिलना जरूरी है।
गुरनूर और युवा गेंदबाजों को कठिन हालात में आजमाने पर जोर
गंभीर ने गुरनूर का उदाहरण देते हुए कहा कि युवा गेंदबाजों को शुरुआती 10 ओवर और डेथ ओवर जैसे चुनौतीपूर्ण चरणों में गेंदबाजी करानी चाहिए। उनके अनुसार, मुश्किल परिस्थितियों में ज्यादा गेंदबाजी करने से खिलाड़ियों को वास्तविक दबाव का अनुभव मिलेगा। भले ही इससे आंकड़े प्रभावित हों, लेकिन भविष्य की टीम तैयार करने के लिए ऐसे प्रयोग महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
2027 वर्ल्ड कप से पहले विकल्प तलाशने की तैयारी
गंभीर ने कहा कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। IPL और अन्य अंतरराष्ट्रीय सीरीज के कारण भारत के पास प्रयोग करने के लिए सीमित वनडे मुकाबले होंगे। उन्होंने संकेत दिया कि टीम मैनेजमेंट आने वाली सीरीज में अलग-अलग खिलाड़ियों को अवसर देकर अपने विकल्पों को जल्द तय करना चाहता है।
तीसरे वनडे में फिर आमने-सामने होंगी दोनों टीमें
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा मुकाबला शनिवार को न्यू चंडीगढ़ के PCA इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। सीरीज अपने नाम कर चुकी भारतीय टीम की नजर अब अंतिम मैच में भी मजबूत प्रदर्शन पर होगी, जबकि वेस्टइंडीज की कोशिश जीत के साथ दौरे का समापन करने की होगी।
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