CM Vijay Bus Conductor : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को गांधी जयंती के अवसर पर ‘वेट्री पयनम थिट्टम’ (Vettri Payanam Thittam) योजना का विस्तार किया। इस पहल के तहत राज्य में महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा अब पहले से अधिक सेवाओं में मिलेगी। योजना के विस्तार की शुरुआत चेन्नई में की गई, जहां मुख्यमंत्री विजय खुद बस में सवार हुए और यात्रियों से बातचीत की।
सीएम विजय ने महिलाओं को बांटे मुफ्त टिकट
योजना के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने बस में सफर कर रहे यात्रियों से बातचीत की और महिलाओं को अपने हाथों से मुफ्त यात्रा के टिकट वितरित किए। इस दौरान बस में मौजूद कॉलेज के छात्रों के साथ एक हल्का-फुल्का पल भी देखने को मिला। छात्रों ने मुख्यमंत्री के साथ चॉकलेट साझा की। कार्यक्रम के दौरान योजना के सामाजिक और आर्थिक उद्देश्यों को भी रेखांकित किया गया।
रोजाना 84 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार के अनुसार, विस्तारित योजना से हर दिन करीब 84.32 लाख महिलाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है। लाभार्थी राज्य परिवहन निगमों द्वारा संचालित कुल 12,695 बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इसमें अब कई ऐसी सेवाओं को भी शामिल किया गया है, जो पहले इस सुविधा के दायरे से बाहर थीं।
एक्सप्रेस और डीलक्स बसों में भी मुफ्त यात्रा
वेट्री पयनम योजना के विस्तार के बाद महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को एक्सप्रेस और डीलक्स श्रेणी की बसों में भी मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा मोफुसिल ऑर्डिनरी यानी स्थानीय बस सेवाओं और कुछ घाट क्षेत्रों में संचालित बसों को भी योजना में शामिल किया गया है। इससे पहले मुफ्त यात्रा का लाभ कुछ निर्धारित श्रेणियों की बस सेवाओं तक सीमित था।
आय सीमा की कोई शर्त नहीं
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए किसी तरह की आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। इसके अलावा एक दिन में मुफ्त यात्रा करने की संख्या पर भी कोई सीमा नहीं रखी गई है। यानी पात्र लाभार्थी अपनी जरूरत के अनुसार दिन में कई बार संबंधित बस सेवाओं में यात्रा कर सकते हैं।
योजना के नाम का TVK से कनेक्शन
‘वेट्री पयनम’ का अर्थ ‘विजयी यात्रा’ बताया गया है। योजना का नाम सत्तारूढ़ पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के नाम से भी जुड़ा हुआ है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाना है, ताकि आर्थिक कारणों से उनकी यात्रा प्रभावित न हो।
शिक्षा और रोजगार में मदद का दावा
परिवहन मंत्री ए. विजय तमिलन पार्थिबन ने योजना के उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसका लक्ष्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों की शिक्षा, रोजगार, आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण में सहायता करना है। उनके अनुसार, सार्वजनिक परिवहन पर होने वाला खर्च कई लोगों के लिए आगे बढ़ने में बाधा बन सकता है। मुफ्त यात्रा सुविधा इस आर्थिक बोझ को कम करने में मदद कर सकती है।
सामाजिक समानता पर सरकार का जोर
मंत्री ने योजना को समानता और यात्रा के अधिकार से भी जोड़ा। उनके मुताबिक, परिवहन सुविधाओं तक पहुंच में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को शिक्षा, रोजगार और अन्य जरूरी अवसरों तक पहुंच आसान बनाने के लिए सार्वजनिक परिवहन की भूमिका महत्वपूर्ण है।
महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने पर फोकस
पार्थिबन ने इस पहल को ‘सामाजिक क्रांति’ बताया। उन्होंने कहा कि मुफ्त बस यात्रा से महिलाओं को घरों से बाहर निकलने, रोजगार और शिक्षा से जुड़ने तथा आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिल सकती है। सरकार का दावा है कि परिवहन खर्च कम होने से महिलाएं स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी आवश्यक सेवाओं तक आसानी से पहुंच सकेंगी और राज्य की आर्थिक-सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।
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