Captain Smitt Machchhar : 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबाई की फ्लाइट FZ1073 में हुई भयावह घटना का पूरा विवरण अब सामने आया है। भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मछार ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से वीडियो कॉल के दौरान कॉकपिट में हुए हमले की जानकारी साझा की। शुरुआती तौर पर घटना को टर्बुलेंस या किसी तकनीकी समस्या से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन बाद में इसे आतंकी हमला बताया गया।
नमाज की बात कहकर को-पायलट ने किया अचानक हमला
कैप्टन स्मित मछार के मुताबिक, उड़ान के दौरान सब कुछ सामान्य चल रहा था। उनके को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने नमाज पढ़ने की इच्छा जताई। कैप्टन ने स्थानीय परंपरा का सम्मान करते हुए पीछे मुड़कर देखने के बजाय अपना ध्यान सामने रखा। करीब चार से पांच मिनट बाद अचानक उनके सिर के पीछे जोरदार वार हुआ। शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान किसी वस्तु से टकराया है या कोई गंभीर तकनीकी खराबी हुई है।
कुल्हाड़ी से हमले के बाद भी कैप्टन ने नहीं खोया हौसला
जब कैप्टन ने पीछे मुड़कर देखा तो उनके बगल में मौजूद ओमानी को-पायलट उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर रहा था। लगातार हमलों में कैप्टन के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें खून बहने लगा। उनकी आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा और दिखाई देना भी मुश्किल हो गया। इसके बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और विमान तथा यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश जारी रखी।
कॉकपिट खुलते ही यात्रियों और क्रू ने संभाला मोर्चा
कैप्टन मछार किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद केबिन क्रू और यात्रियों ने तुरंत अंदर पहुंचकर हमलावर को-पायलट को काबू में कर लिया। विमान की स्थिति को देखते हुए इसकी इमरजेंसी लैंडिंग सऊदी अरब के तबूक में कराई गई। लैंडिंग के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि गंभीर रूप से घायल कैप्टन को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित की बहादुरी को सराहा
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वीडियो कॉल के दौरान कैप्टन मछार का हाल जाना और उनके साहस की प्रशंसा की। उन्होंने पूछा कि वह अब कैसा महसूस कर रहे हैं, जिस पर कैप्टन ने बताया कि वह धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं। नेतन्याहू ने उनकी बहादुरी और सूझबूझ की सराहना करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इजराइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने का निमंत्रण भी दिया।
विमान सुरक्षा नियमों पर उठे गंभीर सवाल
घटना के बाद कॉकपिट सुरक्षा और मानक संचालन प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विमान संचालन में पायलट की सीट छोड़ने या कॉकपिट से बाहर जाने जैसी परिस्थितियों के लिए निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाएं बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। खासकर क्रूज चरण के दौरान भी कॉकपिट में नियंत्रण और निगरानी की व्यवस्था बनाए रखना जरूरी माना जाता है। इस घटना ने इन प्रक्रियाओं के पालन पर नई बहस छेड़ दी है।
174 यात्रियों की जान बचाने वाले बने हीरो
कैप्टन स्मित मछार के साहस की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई है। इजराइली प्रधानमंत्री ने उन्हें हीरो बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान का नियंत्रण बनाए रखा और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इससे यात्रियों को हमलावर को रोकने का मौका मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन की सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की और उनके परिवार से बातचीत की।
ट्रंप ने भी कैप्टन की हिम्मत को बताया असाधारण
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कॉकपिट के भीतर हमले के बावजूद विमान को नियंत्रण में रखना और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करना असाधारण साहस का उदाहरण है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि आपात स्थिति में पायलट की सूझबूझ और त्वरित निर्णय क्षमता सैकड़ों यात्रियों की जिंदगी बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
Read More : IND vs WI 3rd ODI: हार के बाद शुभमन गिल का बड़ा बयान, बोले- वर्ल्ड कप से पहले अच्छा संकेत नहीं