Prateek Rai Kidnapping Case : रायपुर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी प्रतीक राय के कथित अपहरण मामले में पुलिस को अहम सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के अहरौरा इलाके से तीन युवकों को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच के मुताबिक, प्रतीक राय को रायपुर से जबरन एक काले रंग की यूपी नंबर की स्कॉर्पियो में बैठाकर उत्तर प्रदेश की ओर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन का पीछा किया।
पत्नी ने खमतराई थाने में दी थी सूचना
पुलिस के अनुसार, 2 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे प्रतीक राय की पत्नी अनिता राय ने खमतराई थाने पहुंचकर सूचना दी थी कि उनके पति घर वापस नहीं लौटे हैं। उनका मोबाइल फोन भी बंद था, जिसके बाद परिवार की चिंता बढ़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और प्रतीक राय की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया।
CCTV फुटेज में नजर आए तीन युवक
पुलिस टीम ने प्रतीक राय के आने-जाने वाले संभावित रास्तों और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान डीएम टावर और आसपास के क्षेत्र के फुटेज में दोपहर करीब 2:28 बजे तीन युवकों को कथित तौर पर प्रतीक राय को जबरन एक स्कॉर्पियो में बैठाकर ले जाते हुए देखा गया। फुटेज मिलने के बाद पुलिस ने वाहन की पहचान और उसकी आवाजाही का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया।
तकनीकी सर्विलांस से उत्तर प्रदेश तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो से संबंधित जानकारी मिली। इसके बाद तकनीकी सर्विलांस की मदद से वाहन की लोकेशन ट्रैक की गई। पुलिस को वाहन के उत्तर प्रदेश की ओर जाने का पता चला। इसके बाद रायपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क कर संदिग्ध वाहन की जानकारी साझा की और संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाने का अनुरोध किया।
कई थाना क्षेत्रों को भेजी गई वाहन की जानकारी
रायपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अहरौरा के साथ-साथ चोपन, रॉबर्ट्सगंज और रास्ते में आने वाले अन्य थाना क्षेत्रों की पुलिस को भी संदिग्ध स्कॉर्पियो की जानकारी दी। वाहन की संभावित लोकेशन के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर नाकाबंदी और चेकिंग शुरू की गई। पुलिस ने सीसीटीवी, तकनीकी जानकारी और टोल से जुड़े इनपुट को आपस में जोड़कर वाहन तक पहुंचने की कोशिश की।
अहरौरा में पकड़ी गई संदिग्ध स्कॉर्पियो
पुलिस के मुताबिक, रायपुर से लगातार मिल रही लोकेशन और टोल संबंधी जानकारी के आधार पर उत्तर प्रदेश पुलिस संदिग्ध वाहन की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान मिर्जापुर जिले के अहरौरा क्षेत्र में पुलिस ने काले रंग की संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोक लिया। वाहन की जांच के बाद उसमें मौजूद तीन युवकों को हिरासत में ले लिया गया। इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस टीम ने भी सहयोग किया।
तीन युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया
हिरासत में लिए गए युवकों की पहचान अभय सिंह, उम्र 28 वर्ष, बृहस्पत देव सिंह, उम्र 27 वर्ष और आदर्श सिंह, उम्र 24 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के रहने वाले हैं। अब उनसे पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और उनकी भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है।
पैसे के लेनदेन से जुड़े विवाद का एंगल
शुरुआती पूछताछ में पुलिस के सामने वाहन और पैसों के लेनदेन से जुड़े विवाद की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, पुलिस ने अभी अपहरण की पूरी वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से विस्तृत पूछताछ के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह और संभावित साजिश के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अन्य लोगों की भूमिका की भी होगी जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतीक राय को कथित तौर पर जबरन ले जाने की घटना में इन तीन युवकों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। साथ ही कारोबारी से जुड़े विवाद, पैसों के लेनदेन और घटना की पूरी कड़ी की जांच की जा रही है। आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत रायपुर लाने की कार्रवाई भी आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस जुटा रही है घटना से जुड़े सभी सबूत
प्रतीक राय अपहरण मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस, वाहन की लोकेशन और टोल रिकॉर्ड जैसे साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बना रही है। अधिकारियों का उद्देश्य घटना की पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट करना और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाना है। फिलहाल तीन युवकों की हिरासत के बाद मामले की जांच आगे बढ़ रही है और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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