Asian Games 2026 : एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अपने अभियान का समापन शानदार प्रदर्शन के साथ किया। शनिवार, 3 अक्टूबर को पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत की कुल पदक संख्या 85 पहुंच गई। भारतीय दल ने प्रतियोगिता में 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल जीते और मेडल टेबल में टॉप-5 में जगह बनाई।
भारत की कुल मेडल टैली रही 85
आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारत के खाते में कुल 85 पदक आए। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। भारतीय खिलाड़ियों और टीमों ने अलग-अलग खेलों में पदक जीतकर देश की स्थिति मजबूत की। प्रतियोगिता के शुरुआती चरण में प्रदर्शन अपेक्षाकृत धीमा रहा, लेकिन आखिरी दिनों में लगातार मिले गोल्ड और अन्य पदकों ने भारत की मेडल टैली को तेजी से ऊपर पहुंचाया।
2022 हांग्जो गेम्स से हुई पदकों की तुलना
भारत का 2026 का प्रदर्शन 2022 के हांग्जो एशियन गेम्स के मुकाबले कुल पदकों के लिहाज से कम रहा। हांग्जो में भारत ने रिकॉर्ड 106 पदक जीते थे, जिसमें 28 गोल्ड शामिल थे। इस बार भारत ने 85 पदक हासिल किए, यानी कुल संख्या में 21 पदक की कमी रही। वहीं गोल्ड मेडल की संख्या भी 28 से घटकर 21 रह गई।
आखिरी दिनों में बदली भारत की तस्वीर
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय अभियान का सबसे अहम पहलू प्रतियोगिता का अंतिम चरण रहा। गुरुवार तक भारत के खाते में केवल 10 गोल्ड मेडल थे और टीम टॉप-10 से बाहर चल रही थी। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने कई खेलों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। हॉकी, क्रिकेट, तीरंदाजी, बॉक्सिंग और कुश्ती में आए पदकों ने भारत की स्थिति बदल दी और टीम 21 गोल्ड के साथ टॉप-5 में पहुंच गई।
एथलेटिक्स ने दिलाए सबसे ज्यादा पदक
खेलों के आधार पर देखा जाए तो एथलेटिक्स भारत के लिए सबसे बड़ा पदक योगदान देने वाला खेल रहा। भारतीय एथलीटों ने इस स्पर्धा में कुल 24 पदक जीते। इसके बाद शूटिंग का नंबर रहा, जिसमें भारत ने 15 मेडल हासिल किए। तीरंदाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 पदक जीते। इन खेलों के अलावा हॉकी, क्रिकेट, कुश्ती और बॉक्सिंग में भी भारत को महत्वपूर्ण पदक मिले।
क्रिकेट और हॉकी में भारत का दबदबा
टीम स्पर्धाओं में क्रिकेट और हॉकी भारत के लिए खास रहे। भारतीय महिला और पुरुष क्रिकेट टीमों ने गोल्ड मेडल जीता। वहीं महिला हॉकी टीम ने भी स्वर्ण पदक हासिल किया। पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड जीता। पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों का स्वर्ण जीतना भारत के लिए इस एशियन गेम्स की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा।
महिला हॉकी टीम ने खत्म किया लंबा इंतजार
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में लंबे इंतजार के बाद गोल्ड मेडल हासिल किया। इस जीत को टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया। महिला हॉकी टीम की स्वर्णिम सफलता के साथ भारत ने LA 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल किया। दूसरी ओर पुरुष हॉकी टीम ने भी अपना खिताब जीतकर अभियान का शानदार अंत किया।
तीरंदाजी में कुमकुम मोहोद का शानदार प्रदर्शन
तीरंदाजी में कुमकुम मोहोद भारत के प्रमुख पदक विजेताओं में रहीं। उन्होंने महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोद की महिला रिकर्व टीम ने भी स्वर्ण पदक हासिल किया। तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने टीम और व्यक्तिगत दोनों स्पर्धाओं में मजबूत प्रदर्शन किया।
शूटिंग में नीरू ढांडा की खास उपलब्धि
शूटिंग में नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने फाइनल में 28 हिट के साथ एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। शूटिंग में भारत के लिए कई अन्य पदक भी आए। मिश्रित टीम स्पर्धाओं और व्यक्तिगत मुकाबलों में भारतीय निशानेबाजों ने सिल्वर और ब्रॉन्ज सहित कई पदक हासिल किए।
गोल्फ में प्रणवी उर्स ने जीता गोल्ड
गोल्फ में प्रणवी उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत के खाते में महत्वपूर्ण गोल्ड जोड़ा। महिला टीम स्पर्धा में भी प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर की टीम ने सिल्वर मेडल हासिल किया। इस तरह गोल्फ में व्यक्तिगत और टीम दोनों स्पर्धाओं में भारत को पदक मिले।
कुश्ती और बॉक्सिंग में भी शानदार प्रदर्शन
कुश्ती में अमन सहरावत ने पुरुष 57 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता, जबकि सुजीत कलकल ने 65 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। दीपक पूनिया ने पुरुष 97 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता। बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन ने महिला 75 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता। परवीन हुड्डा और अंकुश पांघाल ने भी अपने-अपने वर्गों में स्वर्ण पदक हासिल किए।
भारत के 21 गोल्ड में टीम स्पर्धाएं भी शामिल
भारत के 21 गोल्ड मेडल में व्यक्तिगत खिलाड़ियों के साथ कई टीमों की उपलब्धियां भी शामिल रहीं। महिला और पुरुष क्रिकेट, महिला और पुरुष कबड्डी तथा महिला और पुरुष हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा तीरंदाजी, शूटिंग, बॉक्सिंग, कुश्ती, एथलेटिक्स और गोल्फ में भारतीय खिलाड़ियों ने देश को शीर्ष पदक दिलाए।
27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज ने बढ़ाई टैली
भारत ने 21 गोल्ड के अलावा 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल भी हासिल किए। सिल्वर मेडल जीतने वालों में मीराबाई चानू, रोशिबिना देवी, तजिंदरपाल सिंह तूर, अभय सिंह, अनाहत सिंह, मुरली श्रीशंकर और अंतिम पंघाल जैसे नाम शामिल रहे। वहीं ब्रॉन्ज पदक जीतने वालों में रुद्राक्ष पाटिल, पारुल चौधरी, गुलवीर सिंह, प्रिया घांघस, सुनील कुमार और दीपक पूनिया समेत कई भारतीय खिलाड़ी रहे।
भारत के लिए कई यादगार प्रदर्शन
पूरे टूर्नामेंट में कई भारतीय खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से ध्यान खींचा। नीरू ढांडा, कुमकुम मोहोद, प्रणवी उर्स, अमन सहरावत, सुजीत कलकल और लवलीना बोरगोहेन ने गोल्ड जीतकर अभियान में अहम योगदान दिया। वहीं एथलेटिक्स और शूटिंग में बड़ी संख्या में पदक मिलने से भारत की कुल टैली मजबूत हुई।
85 पदकों के साथ अभियान का समापन
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज सहित कुल 85 पदक जीते। हालांकि यह 2022 के हांग्जो गेम्स के 106 पदकों से कम रहा, लेकिन प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष हॉकी टीम की 5-1 की जीत के साथ भारत ने अभियान का अंत किया और मेडल टेबल में टॉप-5 में अपनी जगह बनाई।
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