GST Arrest Rule : वस्तु एवं सेवा कर यानी GST लागू होने के करीब नौ साल बाद टैक्स सिस्टम में एक अहम बदलाव की संभावना सामने आई है। सरकार GST अधिकारियों को मिली गिरफ्तारी की मौजूदा शक्ति को हटाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो GST से जुड़े मामलों में टैक्स अधिकारियों की कार्रवाई की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रस्ताव पर आगामी GST Council की बैठक में चर्चा होने की संभावना है।
7 अक्टूबर की GST Council बैठक पर नजर
जानकारी के मुताबिक, 7 अक्टूबर को होने वाली GST Council की बैठक में इस प्रस्ताव को चर्चा के लिए रखा जा सकता है। बैठक में GST से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और कानूनी मुद्दों पर विचार होना है। इसी दौरान अधिकारियों को मिली गिरफ्तारी की शक्ति को लेकर भी सरकार अपना प्रस्ताव सामने रख सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला GST Council में होने वाली चर्चा और संबंधित पक्षों की सहमति के बाद ही स्पष्ट होगा।
अभी GST अधिकारियों के पास गिरफ्तारी की शक्ति
मौजूदा GST व्यवस्था के तहत कुछ गंभीर टैक्स अपराधों के मामलों में निर्धारित शर्तों के आधार पर GST अधिकारियों को गिरफ्तारी की शक्ति प्राप्त है। इस अधिकार का इस्तेमाल कर अधिकारी जांच के दौरान संबंधित व्यक्ति के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकते हैं। सरकार अब इसी व्यवस्था में बदलाव की संभावना पर विचार कर रही है। प्रस्ताव मंजूर होने की स्थिति में GST अधिकारियों की सीधे गिरफ्तारी करने की शक्ति समाप्त हो सकती है।
कानून में संशोधन करना होगा जरूरी
यदि GST अधिकारियों की गिरफ्तारी शक्ति खत्म करने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाता है, तो इसके लिए मौजूदा GST कानून में संशोधन करना होगा। केवल प्रशासनिक आदेश के जरिए इस व्यवस्था को पूरी तरह बदलना संभव नहीं होगा। इसलिए सरकार को संबंधित कानूनी प्रावधानों में संशोधन की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ सकती है। इसके लिए संसद की मंजूरी भी आवश्यक होगी।
संसद के शीतकालीन सत्र में आ सकता है विधेयक
सरकार प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद GST कानून में आवश्यक संशोधन के लिए संसद का रुख कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, संबंधित संशोधन विधेयक को आगामी शीतकालीन सत्र में संसद के सामने लाए जाने की संभावना है। हालांकि, विधेयक का अंतिम प्रारूप, उसमें शामिल प्रावधान और संसद में पेश करने की तारीख सरकार के अगले कदमों पर निर्भर करेगी।
टैक्स अधिकारियों की कार्रवाई पर पड़ेगा असर
गिरफ्तारी की शक्ति में बदलाव का सीधा असर GST से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया पर पड़ सकता है। वर्तमान व्यवस्था में गंभीर मामलों में टैक्स अधिकारियों के पास गिरफ्तारी का अधिकार एक महत्वपूर्ण प्रवर्तन उपकरण माना जाता है। यदि यह शक्ति वापस ली जाती है, तो अधिकारियों को संदिग्ध या आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए वैकल्पिक कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना पड़ सकता है।
कारोबारियों और करदाताओं के लिए क्या बदलेगा
इस संभावित बदलाव का असर GST के दायरे में आने वाले कारोबारियों और अन्य करदाताओं पर भी पड़ सकता है। गिरफ्तारी की शक्ति खत्म होने की स्थिति में टैक्स विवादों और जांच से जुड़े मामलों में अधिकारियों की कार्रवाई का स्वरूप बदल सकता है। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं होगा कि GST नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई समाप्त हो जाएगी। कर चोरी या अन्य गंभीर अनियमितताओं के खिलाफ उपलब्ध दूसरी कानूनी व्यवस्थाएं लागू रह सकती हैं।
GST लागू होने के बाद लगातार होते रहे बदलाव
देश में GST को जुलाई 2017 में लागू किया गया था। इसका उद्देश्य अलग-अलग अप्रत्यक्ष करों को एक साझा कर व्यवस्था में शामिल करना था। करीब नौ वर्षों के दौरान GST व्यवस्था में कई प्रशासनिक, तकनीकी और कानूनी बदलाव किए गए हैं। अब गिरफ्तारी की शक्ति से जुड़े प्रस्ताव को भी इसी व्यापक सुधार प्रक्रिया के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
अंतिम फैसला GST Council की चर्चा के बाद
फिलहाल गिरफ्तारी की शक्ति हटाने का प्रस्ताव संभावित चर्चा के स्तर पर है। 7 अक्टूबर की GST Council बैठक में इस मुद्दे पर विचार होने के बाद तस्वीर ज्यादा स्पष्ट हो सकती है। यदि प्रस्ताव को आगे बढ़ाने पर सहमति बनती है, तो कानून में संशोधन की प्रक्रिया शुरू होगी और इसे संसद की मंजूरी लेनी होगी। इसलिए अंतिम बदलाव होने तक मौजूदा GST कानून के प्रावधान लागू रहेंगे।
Read More : Bastar Dussehra: रथ के लिए पेड़ कटाई का विरोध, ग्रामीणों ने दरभा में किया चक्काजाम