Flydubai Mystery Pilots : फ्लाईदुबई की एक उड़ान में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। विमान में 182 लोग सवार थे और यह उड़ान यात्रियों को इजराइल ले जा रही थी। हालात बिगड़ने के बाद क्रू मेंबर्स कॉकपिट की तरफ दौड़े। इसी दौरान विमान में यात्रा कर रहे दो अतिरिक्त पायलटों ने आगे बढ़कर कॉकपिट की जिम्मेदारी संभाली और विमान को नियंत्रित करने में मदद की।
अब तक सामने नहीं आई दोनों पायलटों की पहचान
इस घटना के कई दिन बाद भी उन दोनों पायलटों की सार्वजनिक पहचान सामने नहीं आई है। फ्लाईदुबई ने उन्हें विमान में मौजूद ऑन-ड्यूटी क्रू मेंबर्स के रूप में बताया है। एयरलाइन की ओर से उनकी पहचान और भूमिका को लेकर इससे ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। इस कारण यात्रियों और विमानन क्षेत्र से जुड़े लोगों में यह सवाल बना हुआ है कि संकट की घड़ी में विमान संभालने वाले इन दोनों पायलटों के बारे में विस्तृत जानकारी क्यों नहीं दी गई।
विमान में संयोग से मौजूद थे अतिरिक्त पायलट
विमान में यात्रा कर रहे यात्री डैनियल श्लिचटर ने एसोसिएटेड प्रेस से बातचीत में घटना का विवरण साझा किया। उनके मुताबिक, दोनों अतिरिक्त पायलट संयोग से विमान में मौजूद थे। उन्हें इस विमान को तेल अवीव से वापस दुबई ले जाना था। विमानन क्षेत्र में किसी उड़ान में यात्री के रूप में यात्रा कर रहे ड्यूटी पायलटों की इस व्यवस्था को ‘डेडहेडिंग’ कहा जाता है।
कॉकपिट में हुई घटना के बाद बढ़ा तनाव
यात्रियों के मुताबिक, कॉकपिट में गंभीर स्थिति पैदा हो गई थी। बताया गया कि को-पायलट हमाम अल हम्मामी ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था। घटना के दौरान कॉकपिट के अंदर खून फैल गया और कैप्टन घायल हो गए। इसके बावजूद कैप्टन किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इस घटनाक्रम के बाद विमान में मौजूद यात्रियों के बीच भारी डर और भ्रम की स्थिति बन गई।
एक अतिरिक्त पायलट ने संभाला विमान का नियंत्रण
डैनियल श्लिचटर के अनुसार, एक यात्री ने हमलावर को-पायलट को पकड़कर कॉकपिट से बाहर खींच लिया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उसे काबू करने की कोशिश की। इसी दौरान विमान में यात्रा कर रहे एक अतिरिक्त पायलट ने तेजी से कॉकपिट में प्रवेश किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। कुछ देर बाद दूसरा पायलट भी कॉकपिट में पहुंचा और दोनों ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
खतरनाक स्थिति से विमान को स्थिर करने की कोशिश
श्लिचटर ने बताया कि विमान को बेहद तेज ढलान से स्थिर स्थिति में लाने में करीब 10 मिनट या उससे अधिक समय लगा। स्थिति इतनी गंभीर थी कि विमान के रडर का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया था। पायलटों ने विमान को नियंत्रित करने के बाद आपातकालीन लैंडिंग के लिए उपयुक्त स्थान तलाशना शुरू किया। इसी दौरान विमान से ‘Mayday’ यानी आपातकालीन संदेश भी भेजा गया।
यात्रियों के मन में बना रहा डर
विमान को स्थिर करने के बाद भी यात्रियों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी। श्लिचटर के मुताबिक, नए पायलटों ने तत्काल यात्रियों से बातचीत नहीं की, जिससे कुछ लोगों को उनकी पहचान और इरादों को लेकर चिंता हुई। यात्रियों के मन में यह आशंका भी उठी कि कहीं विमान को किसी दूसरी दिशा में न ले जाया जाए। हालांकि, कुछ समय बाद पायलटों ने स्थिति स्पष्ट कर दी।
तबूक में सुरक्षित लैंडिंग की घोषणा
करीब 45 मिनट बाद यात्रियों को बताया गया कि विमान सऊदी अरब के तबूक में लैंड करेगा। पायलटों ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। इसके बाद यात्रियों ने उन पर भरोसा किया। विमान अंततः सुरक्षित रूप से तबूक में उतरा। इस घटना ने आपात स्थिति में विमान में मौजूद अतिरिक्त प्रशिक्षित पायलटों की भूमिका को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी है।
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