Brinda Karat : एक महिला पत्रकार से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में माकपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता बृंदा करात ने दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। करात ने आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि शिकायत में संज्ञेय अपराध का उल्लेख है, तो पुलिस को कानून के तहत तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारी की गिरफ्तारी की मांग भी की है।
संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शनकारियों का समर्थन
बृंदा करात ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के पास दिल्ली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों का समर्थन किया। टाइम्स नाउ डिजिटल से बातचीत में उन्होंने कहा कि महिला पत्रकार की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए। करात ने आरोप लगाया कि संबंधित ACP के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
क्राइम ब्रांच को शिकायत भेजने के फैसले पर सवाल
करात ने शिकायत को क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के फैसले पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि अगर शिकायत में गंभीर और संज्ञेय अपराध का आरोप है, तो उसे पहले स्थानीय स्तर पर दर्ज क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जांच के लिए शिकायत को दूसरी एजेंसी को भेजना अलग प्रक्रिया है, लेकिन शिकायत मिलने के बाद कानून के मुताबिक आवश्यक कार्रवाई भी होनी चाहिए।
महिला की शिकायत पर तत्काल कानूनी प्रक्रिया की मांग
माकपा नेता ने कहा कि किसी महिला की ओर से पुलिस अधिकारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए जाने की स्थिति में शिकायत को केवल जांच के लिए आगे बढ़ाना पर्याप्त नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, मामले में लागू कानूनी प्रावधानों के तहत आवश्यक प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर इंतजार करने के लिए कहे जाने पर भी नाराजगी जाहिर की।
3 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा मामला
यह पूरा विवाद 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। इनमें से एक पत्रकार ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई के दौरान ACP विवेक भगत ने उसके साथ कथित तौर पर यौन दुर्व्यवहार किया।
महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल
शिकायत करने वाली महिला पत्रकार के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के दौरान मौके पर पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं। इसी संबंध में उन्होंने संबंधित ACP से सवाल किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद अधिकारी ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और उन्हें पीछे की ओर धकेला।
दिल्ली पुलिस ने तीन शिकायतें मिलने की पुष्टि की
दिल्ली पुलिस ने तीन महिला पत्रकारों की ओर से शिकायतें प्राप्त होने की पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ताओं का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। अब क्राइम ब्रांच शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज करने के साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और परिस्थितियों की जांच करेगी।
आरोपी ACP से संपर्क नहीं हो सका
इस मामले में आरोपी बताए जा रहे ACP विवेक भगत का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। शिकायत में उनका नाम होने की बात सामने आई है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर घटनाक्रम की आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
जांच के बाद सामने आएगी मामले की पूरी तस्वीर
महिला पत्रकार द्वारा लगाए गए कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद मामले ने पुलिस कार्रवाई और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। फिलहाल बृंदा करात ने FIR और गिरफ्तारी की मांग की है, जबकि दिल्ली पुलिस ने शिकायतों को क्राइम ब्रांच को सौंपकर जांच आगे बढ़ाने की जानकारी दी है।
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