Bihar Aadhaar News: आधार कार्ड भारत में सबसे महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेजों में शामिल है। बैंकिंग सेवाओं, सरकारी योजनाओं, मोबाइल सिम, पैन कार्ड और कई दूसरी सुविधाओं के लिए आधार का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में आधार कार्ड में दर्ज नाम, पता और जन्मतिथि जैसी जानकारियों का सही होना बेहद जरूरी है। UIDAI आधार धारकों को अपनी जानकारी अपडेट कराने की सुविधा देता है, लेकिन गलत या फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करना भारी पड़ सकता है।
फर्जी दस्तावेज लगाने पर आधार हो सकता है बंद
आधार में जानकारी अपडेट कराने के दौरान यदि कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेज जमा करता है या गलत जानकारी के आधार पर बदलाव कराने की कोशिश करता है, तो उसका आधार नंबर रद्द किया जा सकता है। बिहार की राजधानी पटना में फर्जी दस्तावेजों के जरिए जन्मतिथि में बदलाव कराने के मामलों के सामने आने के बाद UIDAI ने बड़ी कार्रवाई की है।
तीन महीने में 1.66 लाख आधार रद्द
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI ने पिछले तीन महीनों के दौरान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किए गए मामलों में करीब 1 लाख 66 हजार आधार नंबर रद्द किए हैं। खास बात यह है कि ऐसे मामलों में केवल अपडेट का आवेदन खारिज नहीं किया जा रहा, बल्कि फर्जी दस्तावेज से जुड़े मूल आधार नंबर को ही बंद किया जा रहा है। इसलिए आधार अपडेट कराते समय विशेष सावधानी जरूरी है।
जन्मतिथि बदलवाते समय रखें खास सावधानी
अगर आपके आधार कार्ड में जन्मतिथि गलत दर्ज है और आप उसे ठीक कराना चाहते हैं, तो केवल वैध और वास्तविक दस्तावेजों का इस्तेमाल करें। किसी ऐसे दस्तावेज को जमा न करें जिसमें गलत जन्मतिथि दर्ज हो। इसके अलावा किसी दूसरे व्यक्ति के दस्तावेज का इस्तेमाल करना या दस्तावेज में किसी तरह की छेड़छाड़ करके उसे आधार अपडेट के लिए जमा करना भी गंभीर गलती हो सकती है।
अलग-अलग दस्तावेजों में DOB अलग हो तो क्या करें
आधार अपडेट कराने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेजों की जानकारी अच्छी तरह जांच लें। खासतौर पर नाम और जन्मतिथि का मिलान करना जरूरी है। अगर अलग-अलग दस्तावेजों में जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज है, तो बिना जांच के किसी एक दस्तावेज के आधार पर आधार में बदलाव कराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पहले संबंधित दस्तावेज या सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद गलत जानकारी को सही कराना बेहतर है।
एजेंट के कहने पर फर्जी दस्तावेज न बनवाएं
आधार अपडेट के लिए हमेशा अपनी वास्तविक और प्रमाणित जानकारी ही उपलब्ध कराएं। किसी एजेंट या अन्य व्यक्ति के कहने पर फर्जी दस्तावेज बनवाना या गलत जानकारी के आधार पर अपडेट कराना भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसी स्थिति में आधार नंबर बंद होने के अलावा संबंधित व्यक्ति को अन्य कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
जन्मतिथि के प्रमाण के लिए कौन-से दस्तावेज मान्य
UIDAI के अनुसार, 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर कई दस्तावेज स्वीकार किए जाते हैं। इनमें वैध भारतीय पासपोर्ट, केंद्र या राज्य सरकार, PSU अथवा नियामक या सांविधिक संस्था की ओर से जारी Service Photo Identity Card शामिल हैं। इसके अलावा Pensioner या Freedom Fighter Photo Identity Card और Pension Payment Order भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
मार्कशीट और जन्म प्रमाणपत्र भी मान्य
मान्यता प्राप्त बोर्ड, विश्वविद्यालय या उच्च शिक्षण संस्थान की मार्कशीट अथवा प्रमाणपत्र भी जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जा सकता है। इसके अलावा जन्म प्रमाणपत्र और Transgender Identity Card या Certificate भी Proof of Date of Birth के रूप में मान्य दस्तावेजों में शामिल हैं। इसलिए आधार में जन्मतिथि सुधारते समय केवल अधिकृत और सही दस्तावेज ही जमा करें।
आधार अपडेट में आधिकारिक प्रक्रिया अपनाएं
आधार कार्ड में किसी भी तरह का बदलाव कराने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके पास सही दस्तावेज मौजूद हैं और उनमें दी गई जानकारी वास्तविक है। फर्जी कागजात या गलत विवरण के जरिए अपडेट कराने की कोशिश आधार नंबर रद्द होने का कारण बन सकती है। इसलिए नाम, जन्मतिथि या अन्य जानकारी में सुधार के लिए हमेशा UIDAI की आधिकारिक प्रक्रिया और वैध दस्तावेजों का ही इस्तेमाल करना सुरक्षित है।
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