Rahul Gandhi on Delhi Police: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली में हालिया प्रदर्शनों के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों और महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर सहित राजधानी के कुछ इलाकों में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं को हिरासत में लिया गया और कुछ महिला प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर शिकायतें कीं। राहुल गांधी ने पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जंतर-मंतर पर हिरासत और पुलिस कार्रवाई का दावा
राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दिल्ली की हालिया घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को हिरासत में लिया गया। उनके मुताबिक, कुछ महिला प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर कथित दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ पुलिस के व्यवहार को लेकर सामने आई शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
महिला पत्रकारों के साथ व्यवहार पर भी सवाल
कांग्रेस नेता ने महिला पत्रकारों के साथ कथित व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला पत्रकारों के कैमरे छीने गए और कुछ पत्रकारों को कथित तौर पर खींचकर वहां से ले जाया गया। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि एक पत्रकार की शिकायत के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस मामले में दिल्ली पुलिस का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण रहेगा।
महिलाओं की आवाज दबाने का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दिल्ली में हाल की घटनाओं में उन्हें एक समान पैटर्न दिखाई देता है। उनका आरोप है कि जब महिलाएं सवाल उठाती हैं या विरोध दर्ज कराती हैं, तो उन्हें कथित तौर पर चुप कराने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध के दौरान पुलिस की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने की भी होनी चाहिए।
साकेत थाने के मामले का किया उल्लेख
राहुल गांधी ने कुछ सप्ताह पहले सामने आए साकेत पुलिस थाने से जुड़े एक मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने शाहीन और नफीसा नाम की महिलाओं के संबंध में आरोप लगाया कि पुलिस थाने के भीतर उनके साथ कथित हिंसा और बदसलूकी हुई। राहुल गांधी ने कहा कि पुलिस थाने में महिलाएं आमतौर पर शिकायत दर्ज कराने और सहायता मांगने जाती हैं। ऐसे स्थान पर ही कथित दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।
साकेत थाने की CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग
राहुल गांधी ने साकेत पुलिस थाने की पूरी CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की। उनका कहना है कि फुटेज सामने आने से घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की भूमिका गलत पाई जाती है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने शाहीन, नफीसा और कथित पुलिस दुर्व्यवहार से प्रभावित अन्य लोगों के लिए न्याय की मांग की।
अमित शाह से पूछा दिल्ली पुलिस की जवाबदेही पर सवाल
राहुल गांधी ने इस पूरे मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी जोड़ा। उन्होंने दिल्ली पुलिस के प्रशासनिक नियंत्रण और उसकी जवाबदेही को लेकर सवाल उठाया। राहुल गांधी ने पूछा कि दिल्ली पुलिस किसके प्रति जवाबदेह है और महिलाओं के साथ कथित व्यवहार को लेकर जिम्मेदारी किसकी तय होगी। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस के आचरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया।
आरोपों पर दिल्ली पुलिस का पक्ष महत्वपूर्ण
राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कथित व्यवहार को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच, उपलब्ध CCTV फुटेज, शिकायतों और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों से स्पष्ट होगी। फिलहाल राहुल गांधी ने कथित घटनाओं की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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