Ambikapur Murder : अंबिकापुर में गैरेज के कमरे में युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा करने का दावा किया है। घटना सरगुजा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र की है। पुलिस के मुताबिक, रात के समय मृतक का दो युवकों से विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर लोहे के बसीला से युवक के सिर और गर्दन के पीछे हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
खून से लथपथ हालत में मिला विश्वजीत
पुलिस के अनुसार, 4 अक्टूबर 2026 को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम खैरबार बदुलापारा स्थित एक वाहन गैरेज के कमरे में एक युवक का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और कमरे का निरीक्षण किया। युवक की पहचान विश्वजीत कुल्हाड़े उर्फ राजा के रूप में हुई। वह वाहन मैकेनिक का काम सीख रहा था और रात में इसी गैरेज के कमरे में सोया करता था।
सिर और गर्दन पर मिले गंभीर चोट के निशान
घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को मृतक के सिर के पीछे और गर्दन पर गंभीर चोट के निशान मिले। शुरुआती जांच में इन चोटों को धारदार हथियार से किए गए हमले से जोड़कर देखा गया। मामले में प्रार्थी रमेश सोनी की रिपोर्ट पर अंबिकापुर थाने में अपराध क्रमांक 701/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
एफएसएल टीम ने जुटाए घटनास्थल से साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं सरगुजा के एसएसपी राजेश अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद कोतवाली पुलिस की टीम ने फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से जरूरी भौतिक साक्ष्य जुटाए और घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ की।
तकनीकी साक्ष्यों से संदिग्धों तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के अलावा चश्मदीद गवाहों और तकनीकी जानकारी के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया गया। जांच के दौरान पुलिस को दो युवकों पर संदेह हुआ। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए और दोनों युवकों की भूमिका जांच के दायरे में आई।
विवाद के बाद हमला करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों की पहचान आकाश उर्फ चिंटू, उम्र 26 वर्ष, पिता शम्भू सिंह और आकाश कंवर, उम्र 19 वर्ष, पिता कैलाश कंवर के रूप में हुई। दोनों खैरवार बदुलापारा, थाना कोतवाली अंबिकापुर के निवासी बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि घटना की रात दोनों युवकों का विश्वजीत के साथ विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद दोनों ने लोहे के बसीला से उस पर हमला कर दिया।
दो लोहे के बसीला पुलिस ने किए बरामद
पुलिस के अनुसार, हमले में विश्वजीत के सिर और गर्दन के पीछे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो लोहे के बसीला बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें न्यायिक रिमांड पर पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम की कार्रवाई में रही अहम भूमिका
हत्या के मामले का जल्द खुलासा करने की कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह सहित पुलिस टीम की भूमिका रही। कार्रवाई में उप निरीक्षक सत्येंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक मुकेश गुप्ता, परवेज फिरदौशी, नितिन सिन्हा, विवेक राय, लालबाबू सिंह और सैनिक दशरथ गुप्ता भी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मामले में आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है। पुलिस घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों, साक्ष्यों और परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस के अनुसार, गैरेज में हुई इस हत्या की जांच में जुटाए गए भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों को भी विवेचना का हिस्सा बनाया गया है।
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